नागौर जिले के श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के उटवालिया गांव में हुई चोरी की एक वारदात के 2 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इससे परेशान होकर पीड़िता खेमी देवी ने नागौर एसपी को ज्ञापन सौंपकर जांच अधिकारी पर आरोपियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। ​पड़ोसी की शादी में गया था परिवार, पीछे से घर के ताले टूटे मिले उटवालिया निवासी खेमी देवी ने बताया कि 7 मार्च 2026 की रात करीब 8 बजे वह अपने परिवार के साथ पड़ोस में एक शादी समारोह में गई थी। रात 12 बजे जब परिवार वापस लौटा तो घर के कमरों के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था। अज्ञात चोरों ने सूने घर में घुसकर जेवरात और कैश चुराया। ​इन जेवरात और नकदी पर साफ किया हाथ पीड़िता के अनुसार चोरों ने घर से बड़ी मात्रा में कीमती सामान चोरी किया है। इनमें- • ​चांदी के आभूषण: 50 तोला की हांसली, 120 तोला की कडिया (दो सेट), 35 तोला के छेल कडे़, 35 तोला के हाथ के गजरे, 40 तोला की पायजेब, 10 तोला की अंगूठियां व बिछुड़िया और 10 चांदी के सिक्के। • ​सोना और कैश: डेढ़ तोला सोने का झूमरा और कुल 24 हजार रुपए कैश। ​जांच अधिकारी पर आरोपियों को बचाने का आरोप मामले में मुकदमा नंबर 34/2026 दर्ज होने के बाद इसकी जांच श्रीबालाजी थाने के हेड कॉन्स्टेबल रतीराम को सौंपी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि जांच अधिकारी गलत तरीके से अनुसंधान कर रहे हैं और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने कई बार संदिग्धों के नाम भी उजागर किए, लेकिन पुलिस ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। ​पीड़िता ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में गुहार लगाई है कि वर्तमान जांच अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है, इसलिए इस प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष और उच्च अधिकारी से करवाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी नहीं हुई तो पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।