राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रक्षक राहुल गजभिये के रूप में हुई है, जिसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई 3 करोड़ 81 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में की गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग टेलीग्राम ग्रुप "CMC Global CS" के माध्यम से लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे। मामले की जांच उप महानिरीक्षक साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने की। गूगल सर्च से शुरू हुई ठगी मालवीय नगर निवासी डॉ. प्रेम रतन (45) ने 5 अक्टूबर 2025 को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि निवेश के विकल्प तलाशने के दौरान गूगल पर CMC Global CS नामक फॉरेक्स ट्रेडिंग वेबसाइट सर्च की। इसके कुछ समय बाद खुद को कंपनी का कस्टमर केयर बताने वाले लोगों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया। आधार-पैन लेकर बनाया फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट साइबर ठगों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर डॉक्टर से आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त किए। इसके बाद एक फर्जी वर्चुअल ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका ट्रेडिंग अकाउंट बनाकर यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया गया। पहले छोटा मुनाफा, फिर करोड़ों की ठगी शुरुआत में आरोपियों ने कम राशि का निवेश करवाकर उस पर वास्तविक रिटर्न लौटाया, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया। इसके बाद भारी मुनाफे का लालच देकर लगातार बड़ी रकम निवेश करवाई गई। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल के डैशबोर्ड पर निवेश की राशि और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया जाता रहा, जबकि यह पूरा आंकड़ा सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार किया गया था। जब निवेश की कुल राशि 3 करोड़ 81 लाख रुपये तक पहुंच गई और डॉक्टर ने रकम निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से तुरंत हटा दिया, चैट डिलीट कर दी और सभी तरह का संपर्क समाप्त कर दिया। तकनीकी जांच से नागपुर तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर एसपी सुमित मेहरड़ा के नेतृत्व में विशेष तकनीकी टीम बनाई गई। टीम ने संदिग्ध बैंक खातों, टेलीग्राम ग्रुप, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस महाराष्ट्र के नागपुर पहुंची, जहां गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी रक्षक राहुल गजभिये को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को नागपुर की अदालत में पेश कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगनाओं और देशभर में फैले साइबर नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होंगे।