भगत सिंह सेना सुप्रीमो नरेश मीणा ने आज दोपहर सैंकड़ों समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समेत अन्य प्रमुख मांगो को लेकर कलेक्टर टीना डाबी से चर्चा की। कलेक्टर टीना डाबी ने उन्हें सभी मांगों पर न्याय संगत समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने धरना स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि सप्ताह भर में समाधान नहीं हुआ तो धरना दिया जाएगा। कलेक्टर के चैंबर से वार्ता कर बाहर निकले नरेश मीणा ने कहा कि आज पहली बार नई कलेक्टर टीना डाबी से देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समेत कुछ अन्य प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा की है। कलेक्टर ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। नरेश मीणा ने कहा कि करीब आधा घंटा कलेक्टर टीना डाबी से वार्ता होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में आज दिया जाने वाला अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया है। नरेश मीणा ने कहा कि कलेक्टर टीना डाबी की योग्यता और बातों पर विश्वास है। कलेक्टर ने जल्द पेयजल किल्लत की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है, इसलिए अभी धरना स्थगित कर दिया है। हालांकि अगर पेयजल किल्लत दूर नहीं हुई तो फिर आंदोलन करेंगे। नरेश मीणा ने कलेक्ट्रेट परिसर में महिलाओं समेत आमजन की समस्या जानी और उन्हें आश्वासन दिया कि अगली बार आऊंगा तो आपकी समस्या भी कलेक्टर के सामने रखने का प्रयास करूंगा। जलदाय मंत्री के गृह जिला प्यासा होना दुर्भाग्यपूर्ण है नरेश मीणा ने कहा कि टोंक जिले का दुर्भाग्य है कि जिले से पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी प्रतिनिधित्व करते हैं एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी टोंक जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं, उनके बावजूद जिले में पानी और बिजली की गंभीर समस्या बने रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीणों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है तथा कई गांवों में लोग खारा और फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध के कारण सैकड़ों गांव विस्थापित हुए, जबकि उसी बांध का पानी अन्य जिलों को उपलब्ध कराया जा रहा है और टोंक जिला स्वयं प्यासा बना हुआ है। कलेक्टर बोली 60 लाख जारी किए, समस्या दूर करेंगे नरेश मीणा को वार्ता के दौरान कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सरकार स्तर से बजट जारी नहीं होने के कारण कई ठेकेदारों ने कार्य रोक रखा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने गर्मी को देखते हुए 60 लाख रुपये जारी कर पेयजल संकटग्रस्त गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाने एवं नल लगाने के कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने सात दिवस के भीतर स्थिति में सुधार लाने का आश्वासन भी दिया। ज्ञापन में पेयजल संकट के अलावा ईआरसीपी परियोजना के अंतर्गत बन रही नहर के कार्य, किसानों को मुआवजा नहीं मिलने तथा सरोली मोड़ पंचायत क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कलेक्टर ने इन विषयों को शासन स्तर पर रखकर किसानों को राहत दिलाने का भरोसा दिया। कलेक्ट्रेट बना छावनी नरेश मीणा दोपहर करीब साढ़े बारह बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचें। यहां पहले से ही मौजूद उनके सैकड़ों समर्थकों ने नरेश मीणा जिंदाबाद के नारे लगाए। फिर नरेश मीणा ने कार से नीचे उतर कर कार्यकर्ताओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद नरेश मीणा कुछ साथियों के साथ कलेक्टर के चैंबर में चले गए, जहां कलेक्टर से करीब आधा घंटा वार्ता हुई। कलेक्टर ने सम्मानपूर्वक नरेश मीणा की मांगें सुनीं और उन्हें नियमानुसार पूरी करने का आश्वासन दिया। उसके बाद नरेश मीणा बाहर निकले तो फिर कार्यकर्ता नरेश मीणा जिंदा बाद के नारे लगाए। इस दौरान टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा समेत अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।