उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे पर रविवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वाहन की टक्कर से घायल एक लेपर्ड को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। शुरुआत में अचेत नजर आ रहा लेपर्ड जैसे ही अचानक उठकर बैठा, मौके पर मौजूद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान लोगों ने लेपर्ड के वीडियो भी बना लिए। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायल लेपर्ड को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचाया। जहां उसका इलाज जारी है। घटना रविवार रात करीब 10 बजे की है, जब एक अज्ञात वाहन ने चीरवा टनल के पास लेपर्ड को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद लेपर्ड गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ समय तक सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ा रहा। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। देखिए, ये कुछ PHOTO'S
भीड़ जमा हुई तो लेपर्ड वहां से भागा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब मुख्य हाईवे पर लेपर्ड था, तब वहां भीड़ बढ़ गई थी। सब जगह लोग अपनी गाड़ियां रोककर सड़क की तरफ एकत्रित हो गए थे। इस बीच हाईवे पर जाम भी लग गया था। भीड़ के बीच लेपर्ड घायल अवस्था में वहां से सर्विस लेन की तरफ चला गया और उसके बाद आगे झाड़ियों की तरफ चला गया। लेपर्ड को सीधे ले गए सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क क्षेत्रीय वन अधिकारी रविंद्र सिंह के साथ जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब लेपर्ड हाईवे पर नहीं था और आसपास देखा तो लेपर्ड एक फैक्ट्री के पास था। इस बीच रेस्क्यू टीम भी वहां पर पहुंच गई और रात करीब 10 बजे जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ और लेपर्ड को वहां से सीधे सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले गए। लोगों ने लेपर्ड के पास में जाकर बनाए वीडियो बताते है कि बाद में कुछ वीडियो आए है, जिसमें देखा गया कि हाईवे पर घायल लेपर्ड के पास लोग पहुंचे और मोबाइल से वीडियो बनाने लग गए। इस दौरान एक युवक तो लेपर्ड के पास चला गया, तब जैसे ही लेपर्ड उठा तब वहां जमा भीड़ तीतर-बीतर हो गई। बाईं आंख फूटी, कमर में आई चोट सज्जनगढ़ बायोलोजिक पार्क के डॉ. हिमांशु व्यास ने बताया कि रविवार रात को रेस्क्यू के बाद बेहोशी की स्थिति में लेपर्ड को यहां लेकर आए थे और हमने रात को ही उसका उपचार किया। करीब ढाई बज गए थे। इसके बाद आज भी उसका उपचार जारी है। उसकी एक बाईं आंख फूट गई और कमर में चोट आई है। लेपर्ड अभी चलने में असमर्थ है। हमारी तरफ से इलाज जारी है और उसे अब पिंजरे में शिफ्ट कर दिया है। डॉ. व्यास के मुताबिक, नर लेपर्ड करीब सात साल का है। डॉक्टर्स की निगरानी में इलाज जारी वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लेपर्ड का इलाज जारी है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। फिलहाल उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों और तेज रफ्तार वाहनों के बीच बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। ------------ लेपर्ड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… उदयपुर में घरों के पास घूम रहा लेपर्ड-VIDEO:कुराबड़ इलाके में मूवमेंट बढ़ने से लोगों में डर, बच्चों को बाहर निकलने से किया मना उदयपुर जिले के कुराबड़ क्षेत्र में लेपर्ड के मूवमेंट से लोग डरे हुए है। लेपर्ड की लगातार आवाजाही से घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। कुराबड़ क्षेत्र के बोरी गांव के घरों के पास लेपर्ड को रात के देखा गया है। 9 अप्रैल का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लेपर्ड घरों के बाहर से निकलता दिख रहा है।(पूरी खबर पढ़ें…) सलूंबर में 70 फीट गहरे कुएं में गिरा लेपर्ड:पिंजरा फेल होने पर रेंजर ने दिखाई बहादुरी, रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर किया बेहोश सलूंबर जिले के लसाडिया क्षेत्र में एक लेपर्ड 70 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। वन विभाग की टीम ने पहले एक पिंजरा कुएं में उतारा, लेकिन आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण लेपर्ड पिंजरे में नहीं आया। इसके बाद वन अधिकारी (रेंजर) प्रताप सिंह चुंडावत कुएं में उतरे और अपनी ट्रैंक्विलाइजर गन से लेपर्ड को निशाना बनाया। (पूरी खबर पढ़ें…) उदयपुर में लेपर्ड ने पिता-पुत्र पर हमला किया:गांववालों के आते ही भागा, बकरियां चराकर लौट रहे थे दोनों, तभी झाड़ियों से निकला