नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर की हवेली में मंगलवार को जगद्गुरु श्रीमद् वल्लभाचार्य का 549वां प्राकट्य महोत्सव श्रद्धा से मनाया गया। तिलकायत महाराज की आज्ञा और युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा के मार्गदर्शन में दिनभर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। उत्थापन दर्शन के दौरान मोती महल चैक में 51 वेदपाठी पंडितों ने श्री सर्वोत्तम जी का सामूहिक पाठ किया। श्रृंगार दर्शन में पंड्या डॉ. परेश नागर ने श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मपत्रिका का श्रीनाथजी के समक्ष वाचन किया, जबकि राजभोग दर्शन में श्री नवनीत प्रियाजी के सम्मुख भी जन्मपत्रिका पाठ हुआ। श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मोती महल चौक में चांदी की हटड़ी में वल्लभाचार्य जी की छवि विराजित की गई। संध्या आरती के बाद नक्कारखाने से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रीनाथ बैंड, श्रीनाथ पलटन, गोपाल निशान और सुखपाल आकर्षण रहे। युवाचार्य विशाल बावा ने पुष्टिमार्ग के सिद्धांतों और वल्लभाचार्य जी के शुद्धाद्वैत दर्शन का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए। महोत्सव के तहत सप्ताहभर से चित्रकला, भजन, प्रवचन और त्रिदिवसीय पुष्टि मार्गीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।