भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा गौ-सेवा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नौगांवा की संगठनात्मक बैठक संस्थान के अध्यक्ष डीपी अग्रवाल की अध्यक्षता में गौशाला परिसर में हुई। बैठक में आगामी समय में इसे एक मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के लिए कई निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु गौवंश की नस्ल सुधार और उनके पोषण प्रबंधन को आधुनिक बनाना रहा। ​अध्यक्ष ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गौशाला का उद्देश्य मात्र गौवंश को आश्रय देना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से उनके गुणों में वृद्धि करना है। उन्होंने विशेष रूप से नस्ल सुधार कार्यक्रम पर जोर देते हुए कहा कि गायों के प्राकृतिक विचरण और उत्तम पोषण के लिए परिसर में नवीन चारागाह का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए भूमि प्रबंधन और घास की उन्नत किस्मों को लगाने की योजना पर चर्चा की गई। ​संस्थान के मंत्री सत्यप्रकाश गग्गड़ ने तकनीकी पक्षों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गौशाला की दुधारू गायों के स्वास्थ्य और दुग्ध क्षमता पर विशेष कार्य किया जा रहा है। उन्होंने साझा किया कि गायों को ऋतु के अनुसार संतुलित पशु आहार और प्रचुर मात्रा में हरा चारा दिया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आ रहे हैं। वर्तमान में संस्थान राठी और साहीवाल जैसी श्रेष्ठ देसी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर केंद्रित है, जो अपनी उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता और दुग्ध गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। ​बैठक में सामाजिक जुड़ाव पर भी मंथन हुआ। ​ इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने कहा कि नौगांवा गौशाला अपनी बहुउद्देशीय योजनाओं के माध्यम से समाज के सामने एक नई मिसाल पेश कर रही है। उन्होंने देवस्थान विभाग में संस्थान के पंजीकृत होने को एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे इसकी प्रमाणिकता और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है। ​अंत में गोविंदप्रसाद सोडाणी द्वारा भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।मदनलाल धाकड़, हेमंत शर्मा आदि मौजूद थे।