डीडवाना-कुचामन के मारोठ थाना क्षेत्र के भीवपुरा गांव में जानलेवा हमले के आरोपियों की 20 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को सैकड़ों महिला-पुरुषों ने उपखंड कार्यालय के बाहर प्रशासन का पुतला बनाकर उसकी शव यात्रा निकाली और दाह संस्कार किया। अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धारदार हथियारों से किया था हमला पीड़ित परिवार के अनुसार 4 अप्रैल की रात करीब 9:15 बजे भीवपुरा निवासी शीशपाल और रामकुमार वाहन से घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के ही राजेंद्र लुहाच, हरेंद्र कुमार, राकेश, गजेंद्र सहित अन्य लोगों ने रास्ता रोककर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में शीशपाल के सिर में गंभीर चोट आई और पैर में दो फ्रैक्चर हो गए। हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। घायल शीशपाल जयपुर के हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। ‘राजनीतिक दबाव में पुलिस काम नहीं कर रही’ ग्रामीणों का आरोप है कि 5 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज होने और मेडिकल के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आरोपियों को संरक्षण दे रही है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इसी के विरोध में एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया जा रहा है। सीआई ने दिया जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन धरना स्थल पर पहुंचे मारोठ थाना अधिकारी सुरेश सोनी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिल चुके हैं और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा। कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, घायल शीशपाल को 30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और मामले में सख्त धाराएं लगाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। देखिए, प्रदर्शन जुड़ी अन्य PHOTOS…