नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई NEET 2026 रद्द कर दी है। पेपरलीक की आशंका के कारण परीक्षा कैंसिल हुई है। दरअसल, राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं के कई स्टूडेंट्स को एग्जाम से 2 दिन पहले गेस पेपर मिला था। दावा किया जा रहा है कि इस पेपर के 120 से ज्यादा सवाल ओरिजनल पेपर में भी आए थे। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में सामने आया है कि नासिक (महाराष्ट्र) के शुभम खैरनार ने प्रिंटिंग प्रेस से लीक कर पेपर पुणे में बेचा। इसके बाद गुरुग्राम में ये पेपर खरीदा गया था। इसके बाद जयपुर के दो भाइयों दिनेश और मांगीलाल ने सबसे पहले पेपर खरीदा था। आरोपियों ने 26-27 अप्रैल को गुरुग्राम की एक गैंग को 30 लाख रुपए दिए थे। इसके बाद उन्होंने आगे कई लोगों को ये पेपर बेचा था। यहां से सीकर में एमीबीबीएस कंसल्टेंसी चलाने वाले राकेश मंडावरिया ने ये पेपर हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और असम तक बेच दिया। भाइयों ने सीकर में जाकर बेचा पेपर सूत्रों के अनुसार जयपुर के जमवारामगढ़ के आरोपी भाइयों ने सीकर जाकर ये पेपर बेचा था। इससे पहले एक भाई ने सीकर में ही नीट की तैयारी कर रहे अपने बेटे को भी ये पेपर दिया था। सीकर में पेपर को गेस क्वेश्चन बैंक के नाम से अलग-अलग लोगों को दिया गया। इनमें एक कंसल्टेंसी फर्म, हॉस्टल का मालिक भी है। वहीं, पेपरलीक के आरोपी भाइयों में से एक राजनीति से भी जुड़ा है। जांच में सामने आया है इन भाइयों के परिवार से पिछले साल 4 बच्चे नीट में सिलेक्ट हुए थे। वहीं, SOG आईजी लांबा बोले- राजस्थान में पेपर दूसरे राज्यों से पहुंचा आईजी अजयपाल लांबा ने बताया- परीक्षा से पहले पेपर आउट होने की आशंका को लेकर पुलिस को इनपुट मिला था। इसके बाद सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर सिटी, जयपुर ग्रामीण पुलिस और SOG की संयुक्त टीमों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान करीब 150 से ज्यादा छात्रों, अभिभावकों, कोचिंग संचालकों और अन्य संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। जिसमें सामने आया कि NEET का पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले ही राजस्थान में कुछ लोगों तक पहुंच चुका था। लांबा ने कहा- जांच में पता चला कि पेपर का लिंक महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा हुआ है। वहां से पेपर हरियाणा के गुरुग्राम पहुंचा और फिर अलग-अलग माध्यमों से राजस्थान तक फैलाया गया। पुलिस के मुताबिक- यह पेपर टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप्स के जरिए सर्कुलेट किया गया। कई जगह इसे “गेस पेपर” बताकर छात्रों को बेचा गया, जबकि दावा किया जा रहा था कि इसी में से प्रश्न परीक्षा में आएंगे। राजस्थान पेपर लीक का “सोर्स पॉइंट” नहीं था लांबा ने बताया- कि कई लोग इस पेपर को “गेस पेपर” बताकर बेच रहे थे और छात्रों को भरोसा दिला रहे थे कि इसी में से प्रश्न आएंगे। CBI, राजस्थान पुलिस और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर लीक में किन-किन राज्यों और लोगों की भूमिका रही तथा इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय थे। इन्हें एसओजी ने CBI को सौंपा एसओजी ने अब तक 15 लोगों को पकड़ा है। इनमें विक्रम कुमार यादव, राकेश कुमार मंडावरिया, रजत कुमार, अमित मीणा, रोहित मावालिया, विक्रम यादव, योगेश परजापत, संदीप हरितवाल, नितेश अजमेरा, मांगीलाल, दिनेश, विकास, यश यादव, सत्यनारायण चौधरी सहित एक अन्य को सीबीआई को सौंपा गया है। सीबीआई ने दर्ज की FIR सीबीआई ने उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर NEET 2026 पेपर लीक को लेकर FIR दर्ज की है। जांच के लिए CBI की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है। इधर, दिल्ली में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा है कि NEET की अगली डेट 7 से 10 दिन के अंदर घोषित की जाएगी। सीकर के स्टूडेंट को मिला था गेस पेपर जानकारी के अनुसार ये गेस पेपर सबसे पहले सीकर के स्टूडेंट्स परीक्षा से दो-तीन दिन पहले मिला था। मुख्य परीक्षा में 720 में से 600 नंबर के प्रश्न इस गेस पेपर में थे। करीब 120 से 140 प्रश्न हूबहू परीक्षा में आए थे। गेस पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। यह गेस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के MBBS स्टूडेंट ने सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। इसके बाद वह गेस पेपर एक पीजी संचालक को मिला था। उसने यह पेपर अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट को दे दिया था। इसके बाद पेपर झुंझुनूं, चूरू तक पहुंच गया। पीजी संचालक ने शिकायत की थी परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को यह शिकायत दी थी कि एक ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है। जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि पीजी संचालक को भी परीक्षा से पहले वॉट्सएप पर ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला था। उसने अपने यहां रहने वाले छात्रों और करियर काउंसलर्स को भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल थे। कई राज्यों में पेपर बेचने को आरोप एजेंसी के अनुसार, पीजी संचालक ने पकड़े जाने की आशंका पर पुलिस और एनटीए को शिकायत दी थी। हालांकि, कई दूसरे छात्रों ने भी एनटीए को ई-मेल पर शिकायत की थी। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम 8 मई को सीकर पहुंची थी। यहां कई लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को पकड़ा था। मामले में उसकी मिलीभगत के बाद देहरादून से पकड़ा गया था।पुलिस उसके सेंटर पर रेड डालने वाली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो सेंटर बंद मिला। इसके बाद उसके परिचितों को यह कहकर चाबी मंगवाई गई कि ऑफिस में चोरी हो गई है। चाबी आने पर सेंटर खोला गया था। राकेश पर आरोप है कि उसने पंजाब, असम सहित कई राज्यों में पेपर बेचा है। 6 साल मेडिकल एग्जाम की तैयारी की थी राकेश मंडावरिया सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक के समर्थपुरा ग्राम का रहने वाला है। प्राइमरी एजुकेशन गवर्नमेंट स्कूल समर्थपुरा से ली। साल 2001 में जवाहर नवोदय स्कूल पाटन में छठी क्लास में एडमिशन लिया, जहां 12वीं तक पढ़ाई की। साल 2008 में वहां से पास आउट होने के बाद वह सीकर में मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने लगा, जो करीब 5 से 6 साल तक की। प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही गांव से उसका नाता रहा। साल 2001 के बाद कभी-कभार ही उसका गांव आना होता था। वह 6 भाई-बहन में सबसे छोटा है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार उसके बीडीएस की पढ़ाई करने की बात सामने आई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसने बीडीएस की पढ़ाई पूरी की या बीच में ही छोड़ दी। जवाहर नवोदय से पास आउट होने के बाद से ही सीकर में रहकर सॉल्वर, कंसल्टेंट आदि की सेवाएं दे रहा है। सामने आया कि राकेश ने सीकर की पिपराली रोड पर एक नामी कोचिंग संस्थान के सामने RK कंसल्टेंसी के नाम से ऑफिस संचालित कर रखा है। राकेश के पिता का निधन हो चुका है। स्टूडेंट ने टीचर को भेजा था पेपर सीकर में हॉस्टल मालिक समेत कई स्टूडेंट्स को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि सीकर शहर में एक कोचिंग में फिजिक्स पढ़ाने वाले टीचर को एक स्टूडेंट ने पेपर भेजा था। टीचर ने NTA में इसकी शिकायत की थी। सबसे पहले उस स्टूडेंट को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में उसने कई अन्य लोगों के नाम बताए, जिसके बाद सभी को पकड़ा गया। कई और कोचिंग इंस्टीट्यूट रडार पर सूत्रों के अनुसार- NEET का पेपर नासिक (महाराष्ट्र) से लीक हुआ था। सबसे पहले पेपर की कॉपी हरियाणा पहुंची। हरियाणा में लीक पेपर के 10 सेट बने। इसके बाद पेपर राजस्थान समेत हरियाणा से बिहार, आंध्रप्रदेश, जम्मू-कश्मीर पहुंचा। राजस्थान में पेपर जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर में पहुंचा था। टेलीग्राम और वॉट्सएप पर पेपर माफिया के नाम से ग्रुप बनाया हुआ था, जिसके जरिए पेपर को सर्कुलेट किया गया था। सूत्रों के अनुसार राजस्थान के कई कोचिंग इंस्टीट्यूट भी रडार पर हैं। सामने आ रहा है कि कई फैकल्टी के पास भी गेस पेपर आया था। नासिक से पकड़े आरोपी को राजस्थान पुलिस को सौंपेंगे नासिक सिटी के पुलिस उपायुक्त किरण कुमार चव्हाण ने कहा- नीट मामले में शामिल आरोपी शुभम खैरनार को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया है। राजस्थान पुलिस टीम के यहां पहुंचने पर आरोपी को उनके हवाले किया जाएगा। हालांकि आरोपी ने हुलिया बदल लिया था। तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। …. नीट-2026 से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 1. राजस्थान से जुड़े NEET पेपरलीक कांड के तार:सीकर और झुंझुनूं से पकड़े गए थे संदिग्ध, एग्जाम के 9 दिन बाद परीक्षा कैंसिल 2. पेपर लीक का मामला:नीट परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर के छात्रों को मिल गए थे 600 नंबर के सवाल