नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। झुंझुनूं के प्रतिभावान स्टूडेंट्स ने कठिन चुनौतियों और परीक्षा की अनिश्चितताओं को पीछे छोड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की है। इन बच्चों की मेहनत ने न केवल उनके परिवारों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि जिले के लिए भी नई मिसाल पेश की है। अब पढ़िए संघर्ष और सफलता की कहानियां… ​नीट में शाहीना बानो, भवानी शंक, सौम्या और तरन्नुम खान ने अपने जुनून, संघर्ष, मेहनत और लगातार घंटो पढ़ाई से सफलता हासिल की है। संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल ​शाहीना ने बताया- इस बार की NEET परीक्षा उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण सफर रही। तीन मई को हुई पहली परीक्षा में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 672 अंक हासिल किए थे, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। शाहीना ने बताया कि इस खबर से उनका मनोबल टूट गया था, लेकिन परिवार ने उन्हें इस कठिन समय में अटूट समर्थन दिया। हिम्मत हारने के बजाय, शाहीना ने फिर से तैयारी शुरू की और सीकर जाकर एक महीने तक कड़ी मेहनत की। इसके बाद, री-नीट (re-NEET) परीक्षा में भी उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करते हुए 600 अंक हासिल किए और 10,000 के भीतर रैंक सुरक्षित की। ​सफलता का जिक्र करते हुए छलके आंसू ​अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हुए शाहीना भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- उनके डॉक्टर बनने का सपना उनके पिता का सपना है। परिवार का अटूट साथ ही उनकी सफलता की असली वजह है। शाहीना ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा- "मैं आज जो कुछ भी हूं, सिर्फ अपने परिवार की वजह से हूं।" शाहीना के पिता आरिफ और अन्य परिजन भी इस उपलब्धि पर भावुक नजर आए, उनकी आंखों में बेटी की सफलता पर गर्व के आंसू थे। सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत ​झुंझुनूं के भवानी शंकर और सौम्या ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। भवानी ने 662 अंक प्राप्त कर 789वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा- सकारात्मक दृष्टिकोण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। वहीं, सौम्या ने 661 अंकों के साथ 837वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन को दिया। ​तरन्नुम खान ने माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया ​झुंझुनूं की बेटी तरन्नुम खान ने नीट यूजी में सफलता हासिल कर अपने परिवार और खानदान का नाम रोशन किया है। यह सफलता उनके लिए एक भावुक पल है। तरन्नुम ने बताया- उनके दादा मरहूम नेताजी अलीमद्दीन खान पहाड़ियांन का सपना था कि डॉक्टर बने। पिता याकूब खान पहाड़ियांन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा- उनके परिवार के लिए यह गौरव का क्षण है कि उनके खानदान डॉक्टर बनने जा रही है।