नीट यूजी का पेपर इस बार मॉडरेट रहा। पिछले साल से पेपर आसान रहने की वजह से इस बार क्वालीफाइंग कटऑफ बढ़ सकती है। एजुकेशन एक्सपर्टस का मानना है कि इस बार सरकारी कॉलेज के लिए 600 नंबर की जरूरत पडे़गी। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि नीट यूजी के प्रश्न पत्र का स्तर तुलनात्मक तौर पर आसान होने के कारण क्वालीफाइंग-कटऑफ मार्क्स के बढ़ने की संभावना है। देव शर्मा ने बताया कि इस साल क्वालीफाइंग-कटऑफ नंबर 155 से 165 के बीच रहने की संभावना है। गवर्नमेंट एमबीबीएस सीट प्राप्त करने के लिए जनरल कैटेगरी के स्टूडेंटस को 600 नंबर की जरूरत होगी। वहीं एजुकेशन एक्सपर्ट विनोद कुमावत ने बताया कि विद्यार्थियों से मिले फीडबैक के अनुसार पेपर का लेवल नीट-2024 से थोड़ा कठिन जबकि नीट 2025 की तुलना में आसान रहा। ऑनलाइन पोल पर आए फीडबैक के अनुसार करीब 34 प्रतिशत विद्यार्थियों ने पेपर को आसान एवं 58 प्रतिशत ने पेपर को मध्यम स्तरीय बताया। सिर्फ आठ प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होनें पेपर को कठिन बताया। पेपर एनसीईआरटी आधारित था। फिजिक्स के पेपर में टाइम मैनेजमेंट चैलेन्जिंग रहा। क्योंकि कंसेप्ट के साथ स्पीड भी जरूरी थी। फिजिक्स के प्रश्न मध्यम से कठिन स्तरीय थे। न्यूमेरिकल आधारित प्रश्नों के साथ कैलकुलेशन थोड़ी कठिन रही। कैमिस्ट्री के पेपर में ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री से आसान प्रश्न पूछे गए थे। इसमें एक भी प्रश्न स्टेटमेंट आधारित नहीं था। मैच द कॉलम संबंधित प्रश्नों की संख्या ज्यादा थी। फिजीकल कैमिस्ट्री से 17 प्रश्न पूछे गए थे। यानी पूरे पेपर में 37 प्रतिशत फिजीकल कैमिस्ट्री से थे। इसमें भी मैच द कॉलम के दो सवाल थे। बॉयोलॉजी का पेपर एनसीईआरटी सिलेबस आधारित रहा।