जिले में अवैध आरा मशीन संचालन और लकड़ियों की कटान के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएफओ ने रेंजर, फॉरेस्टर सहित सात अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। नोटिस क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रतिभा रेंज सदर, वनपाल नाका सेवर आकाश सिंह, वनपाल नाका रोहिताश कुमार,वनपाल नाका सुष्पेंद्र सिंह, वनरक्षक रचना कुमारी,वनरक्षक नाका सेवर गुड्डी, वनरक्षक नाका रूपवास राजकुमार को नोटिस दे 3 दिन के भीतर रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करने का कहा गया है। सभी नोटिस में डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने नोटिस में लिखा कि रेंज अधीन आरा मशीनों पर सीज की कार्यवाही की गई थी। लेकिन आरा मशीनें आपके क्षेत्र में पूर्व में संचालित थी जिन पर आपके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे इन अवैध आरा मशीनों द्वारा आपके अधीन कार्यक्षेत्र में अत्यधिक अवैध कटान एवं परिवहन किया गया, जिससे वनक्षेत्र को अत्यधिक नुकसान हुआ है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त अवैध आरा मशीनों के संचालन में आपकी भूमिका भी संदिग्ध रही है। संबंधित क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध रूप से आरा मशीन चलने और लकड़ियों की कटान की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में प्रथम दृष्टया क्षेत्रीय स्तर पर लापरवाही सामने आने पर डीएफओ ने जिम्मेदार कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। नोटिस में पूछा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित होती रहीं तो समय रहते रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई। “अब तक 44 आरा मशीनों को हम सीज कर चुके हैं। इन सभी लोगों को नोटिस संबंधित शिकायतों के आधार पर किया गया है।” -प्रमोद धाकड़, डीएफओ