21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स का बड़ा खेल शुरू हो गया है। वोटिंग के ठीक पहले वार्ड 18 से कांग्रेसी पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद और वार्ड 50 से पार्षद नवरत्न डागा पर पुलिस ने कानूनी शिकंजा कस दिया है। कोटगेट थाना पुलिस ने मकसूद अहमद को 20 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया, सदर थाना पुलिस ने नवरत्न डागा को 21 सितंबर (मेयर वोटिंग के दिन) सुबह 10 बजे हाजिर होने का नोटिस दिया है। वार्ड 53 के पार्षद अनीश अली के घर पुलिस रेड हुई। मकसूद के मामले को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में रविवार की छुट्‌टी के बावजूद रात को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की विशेष अनुमति से जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। रात 10 से 10:30 बजे तक चली सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने तर्क दिया कि कोटगेट थाने में 2 जून 2026 की एफआईआर में चुनाव के वक्त पुलिस ने बुलाया, ताकि उन्हें वोट डालने से रोका जा सके। याचिकार्ता के वकील कौशल गौतम ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए। परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने रात 11:15 बजे आदेश जारी कर अगली सुनवाई तक मकसूद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने याचिकाकर्ता को 30 सितंबर सुबह 11:30 बजे पूछताछ के लिए अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। एडवोकेट भव्य गौतम ने बताया कि मकसूद चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। बीकानेर की सियासत में उबाल एक ही समय में कांग्रेस के दो दिग्गजों को पुराने व नए मामलों में पुलिस नोटिस थमाने के बाद बीकानेर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेसी खेमे में जहां इसे प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग और चुनावी दबाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विरोधी गुट इसे कानून की स्वाभाविक कसौटी मान रहा है। 21 सितंबर को होने वाली वोटिंग और पुलिस पूछताछ बीकानेर की भावी नगर निगम सरकार की दिशा तय करेगी। डिस्पेंसरी इंचार्ज ने 2 जून को कराया था केस वार्ड 50 से नवरत्न डागा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं। टिकट कटने से खफा दीपक अरोड़ा ने मदनगोपाल मेघवाल, बिशनाराम और नवरत्न डागा के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर सिंबल चोरी करने की एफआईआर सदर थाने में दर्ज कराई थी। सदर थाना पुलिस ने डागा को धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर 21 सितंबर को सुबह 10 बजे पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकरण में मदन मेघवाल के साथ मारपीट का एक मुकदमा जेएनवीसी थाने में दर्ज है, जिसमें मोहित अरोड़ा सहित चार युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी प्रकार वार्ड 18 से पार्षद मकसूद अहमद के खिलाफ 2 जून को 5 नंबर डिस्पेंसरी इंचार्ज ने कोटगेट थाने में राजकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और हंगामे का केस दर्ज कराया गया था। कोटगेट पुलिस ने पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद अहमद को 20 सितंबर को अनुसंधान के लिए तलब किया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।