शहर के रेलवे स्टेशन तक पहुंचना अभी किसी संघर्ष से कम नहीं है। क्योंकि, रेडक्रॉस सर्किल से स्टेशन तक 1.5 किमी पहुंचने में कभी-कभी तो 30 मिनट तक लग रहे हैं। लेकिन, जल्द ही शहरवासियों को स्टेशन के लिए एक और नया रास्ता मिलने वाला है। स्टेशन से गिर्राज कॉलोनी होते हुए रणजीत नगर तक फोरलेन रोड पर बीडीए ने काम शुरू कर दिया है। इस पर 3 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। रेलवे के साथ भी इसको लेकर प्रक्रिया साझा की जा रही है। इसके बनने के बाद स्टेशन पहुंचने और वहां से वापस आने के अलग-अलग रास्ते होंगे। इसके अलावा रंजीत नगर सड़क को भी जल्द ही फोरलेन किया जा सकता है, जिससे रेलवे स्टेशन से आने वाले वाहन आसानी से मथुरा-भरतपुर और आगरा-जयपुर हाइवे तक आसानी से पहुंच सके। स्टेशन पहुंचने के लिए: 24 मीटर चौड़ी बजरिया सड़क स्टेशन क्षेत्र में जाम से राहत देने के लिए ट्रैफिक को दो हिस्सों में बांटने की योजना बनाई गई है। स्टेशन जाने वाले लोग पुराने स्टेशन रोड बजरिया मार्ग का उपयोग करेंगे। इस सड़क की चौड़ाई 24 मीटर रखी जाएगी, जिससे रास्ता सुगम रहेगा और व्यापारियों की दुकानों पर भी असर नहीं पड़ेगा। जबकि पहले इसकी चौड़ाई 36 मीटर थी, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते बीडीए ने चौड़ाई को कम किया। इससे अब बजरिया रोड स्थित कई दुकानें टूटने से बच जाएंगीं। स्टेशन से निकलने के लिए रेलवे कॉलोनी में कर्मचारी आवास के लिए बने रास्ते से होते हुए गिर्राज कॉलोनी और वहां से रणजीत नगर तक फोरलेन सड़क बनेगी। यहां से निकास व्यवस्था रखी जाएगी, जिससे ट्रैफिक डायवर्ट हो जाएगा और लोग सीधे मुख्य सड़क तक आ जाएंगे। जमीन की समस्या दूर समझौते से खुला रास्ता दरअसल, निजी भूमि के मामले में राजस्थान ट्रांसपोर्ट के संचालकों की करीब 150 मीटर जमीन इस सड़क के दायरे में आ रही है और बीडीए अधिकारियों के साथ इस पर सहमति बन चुकी है। एक्सईएन बहादुर सिंह के अनुसार समझौते के तहत ‘लैंड फॉर लैंड’ सिस्टम लागू किया गया है। यानी जितनी जमीन सड़क निर्माण में जाएगी, उसके बदले संबंधित पक्ष को विकसित क्षेत्र में जमीन दी जाएगी, जिससे उन्हें बेहतर और अधिक मूल्य मिल सके। वहीं, मार्ग में आ रही रेलवे की जमीन को लेकर प्रक्रिया अभी जारी है। सड़क के रास्ते में पड़ने वाले रेलवे के पुराने आवासों को हटाने की योजना बनाई गई है। "गिर्राज कॉलोनी से रंजीत नगर तक बनने वाला फोरलेन का एस्टीमेट तैयार कर लिया है। रेलवे के साथ भी प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में है। जल्द ही टेंडर लगाकर काम शुरू कराया जाएगा।" -बहादुर सिंह, एक्सईएन, बीडीए