प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए विभिन्न पीएचडी पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार की सबसे अहम विशेषता यह है कि चिकित्सा क्षेत्र के डॉक्टर्स के साथ-साथ अब नर्सिंग प्रोफेशनल्स के लिए भी शोध के नए द्वार खोल दिए गए हैं। इसके लिए जयपुर के अलावा अब उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज को भी पीएचडी सेंटर के रूप में मान्यता देने की तैयारी है। आरयूएचएस की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार चिकित्सा (मेडिसिन), दंत चिकित्सा (डेंटिस्ट्री), फार्मेसी और नर्सिंग संकायों में प्रवेश के लिए 28 अप्रैल को प्रवेश परीक्षा होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भरवाए जा चुके हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि इस पहल के माध्यम से तैयार होने वाले रिसर्चर हेल्थ पॉलिसी बनाने व अस्पताल प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकेंगे। शर्तें - डॉक्टर्स के लिए एमडी, नर्सेज को 60% अंकों के साथ एमएससी जरूरी मेडिकल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए डॉक्टर्स के पास संबंधित विषय में एमडी, एमएस या एमडीएस डिग्री होना जरूरी है, जबकि नर्सिंग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60% अंकों के साथ एमएससी नर्सिंग उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सरकारी सेवा में कार्यरत कार्मिक भी एनओसी प्राप्त कर पार्ट-टाइम पीएचडी कर सकेंगे। अभ्यर्थियों का अंतिम चयन प्रवेश परीक्षा (70%) और इंटरव्यू (30%) के वेटेज आधार पर होगा। आवेदन शुल्क सामान्य/ओबीसी हेतु ₹5000 व एससी/एसटी के लिए ₹2500 रु. है। चयनित छात्र सरकारी कॉलेजों में ₹30 हजार और निजी में ₹50 हजार वार्षिक शुल्क पर शोध कर सकेंगे। आरएनटी को मिलीं 21 सीटें, नर्सिंग कॉलेज में भी 4 सीटों पर होगा शोध विश्वविद्यालय ने विभिन्न संकायों के लिए सीटों का आवंटन जारी किया है। नर्सिंग में 53 सीटें हैं, जिनमें मेडिकल सर्जिकल (14), मेंटल हेल्थ (11), ओबीजी (10), चाइल्ड हेल्थ (10) और कम्युनिटी हेल्थ (8) शामिल हैं। उदयपुर के सरकारी नर्सिंग कॉलेज को 4 सीटें मिली हैं। मेडिसिन संकाय में एनाटॉमी (37), माइक्रोबायोलॉजी (36), फिजियोलॉजी (33), बायोकेमेस्ट्री (24) और फार्माकोलॉजी (20) की सीटें आवंटित हैं। इसमें आरएनटी मेडिकल कॉलेज को 21 सीटें मिली हैं। फार्मेसी में कुल 73 और डेंटल (जयपुर) में 16 सीटों पर प्रवेश होगा।