तबादलों पर लगी रोक हटने के बाद परिवहन विभाग को सूची जारी करने के लिए 22 दिन का समय मिला, लेकिन अवधि बीतने के बावजूद सूची जारी नहीं हो सकी। नियमों के अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती, सेवा अवधि, रिक्त पद, एपीओ, नोटशीट और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड परिवहन आयुक्त कार्यालय (मुख्यालय) में उपलब्ध रहते हैं और इन्हीं आधार पर तबादला सूची तैयार कर आयुक्त के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जाती है।इस बार सूची सचिवालय स्तर पर तैयार हुई। सूत्रों के अनुसार सूची बनने के बाद भी इसे आयुक्त कार्यालय भेजने के बजाय 10 जुलाई को शाम करीब 6 बजे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) भेज दिया गया। समयाभाव के कारण परीक्षण नहीं हो सका और सूची जारी नहीं हो पाई। आयुक्त कार्यालय स्तर पर परीक्षण के बाद भेजते है सीएमओ विभागीय रिकॉर्ड, रिक्त पदों और प्रशासनिक आवश्यकताओं का संधारण मुख्यालय स्तर पर होता है। सामान्य प्रक्रिया में सूची तैयार होने के बाद आयुक्त कार्यालय स्तर पर परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाता है। इस बार सूची सचिवालय स्तर पर तैयार हुई और विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया भी उसी स्तर से आगे बढ़ाई गई। पदस्थापन को लेकर पहले भी सामने आ चुका है मतभेद परिवहन विभाग में इससे पहले भी पदस्थापन प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग स्तर पर निर्णय चर्चा में रहे हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने एपीओ चल रहे छह परिवहन निरीक्षकों को पोस्टिंग दी थी, जिसे बाद में प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा ने निरस्त कर दिया। अब तबादला सूची भी मुख्यालय की बजाय सचिवालय स्तर पर तैयार होने और समय पर जारी नहीं होने से विभागीय प्रक्रिया फिर चर्चा में है। ट्रांसफर की उम्मीद लगाए बैठे कर्मचारियों को राहत नहीं तबादला सूची जारी नहीं होने से पारिवारिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण की उम्मीद लगाए अधिकारी-कर्मचारियों को राहत नहीं मिल सकी। कई डीटीओ कार्यालयों में परिवहन निरीक्षकों की कमी बनी हुई है, जबकि कई रिक्त पदों पर अब भी नियुक्ति का इंतजार है। तबादला सूची को लेकर कोई विवाद नहीं है। मैंने जहां सूची भेजी है, वह प्रक्रिया के तहत की गई है, जल्द ही आ जाएगी। -प्रेमचंद बैरवा, डिप्टी सीएम तबादला सूची को लेकर मैं कुछ नहीं कह सकता। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। -भवानी सिंह देथा, शासन सचिव परिवहन खाली पद भरे नहीं, 60 अफसर-कर्मचारी एपीओ स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) ने तबादला प्रतिबंध हटने के अंतिम दिन 284 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए, लेकिन करीब 60 को एपीओ कर दिया। पहले से एपीओ चल रहे करीब 110 में से केवल 44 को ही पोस्टिंग मिली, जिससे एपीओ की संख्या बढ़कर 126 से अधिक हो गई। जबकि प्रदेश के 79 से अधिक नगर निगमों और निकायों में 100 से अधिक पद रिक्त हैं। सूची में 16 तकनीकी सेवा अधिकारी, 148 आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, राजस्व अधिकारी-निरीक्षक, 23 नगर नियोजक तथा 97 सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं के तबादले किए गए, फिर भी कई महत्वपूर्ण पद खाली रहे।