सवाई माधोपुर| जिला मुख्यालय के आदर्श नगर स्थित पद्मावती भवन जैन स्थानक में व्याख्यानी यशवन्त मुनि, सुभाष मुनि,अशोक मुनि आदि ठाणा 3 का बजरिया से विहार कर पावन पदार्पण हुआ। इस दौरान जैन मुनियों ने धर्मसभा में एकत्व भाव, भक्ति आदि पर प्रवचन दिए। यशवन्त मुनि ने कहा कि आत्म दमन से ही जीव इस लोक व परलोक में सुखी बनता है। सभी के साथ मैत्री भाव रखना चाहिए। एकत्व भाव में रमण करने वाला संसार में सुखी रहता है। चारों गतियों की अपेक्षा मनुष्य जन्म दुर्लभ है। गुरु के प्रति विनय जीवन निर्माण का मूल आधार है। अशोक मुनि ने कहा कि भक्ति बहुत अच्छी चीज है, लेकिन पापों का परित्याग किए बिना भक्ति भी संसार से तार नहीं सकती है। भक्ति भक्त को भगवान बनाने की ताकत रखती है। समर्पण ही उपासना का उत्कृष्ट रूप है। पाप का त्याग करने से जीव हल्का होता हैं। धर्मसभा में चौबीस तीर्थंकर पद आराधना का गुरु वन्दना, लोगस्स से प्रायोगिक अभ्यास करवाया गया। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं का वरिष्ठ श्रावक कमलेश जैन ने शाब्दिक अभिनन्दन किया। संघ अध्यक्ष विमल कुमार जैन ने आभार व्यक्त किया।