चित्तौड़गढ़ में मंगलवार तड़के 2.37 बजे रेल ट्रैक पर लोहे की पटरी रखकर मालगाड़ी को डिरेल करने की कोशिश की गई। ओराई नदी की पुलिया पर रखे 17 फीट टुकड़े से इंजन टकराया, लेकिन वह दूर गिर गया और हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही कोटा और चित्तौड़गढ़ से रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरपीएफ और चित्तौड़गढ़ पुलिस के दो थानों की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। इस मामले को लेकर बुधवार शाम को उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटा मंडल के डीआरएम अनिल कालरा ने भी घटनास्थल का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने बूंदी और बस्सी बेरीसाल स्टेशनों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुरानी लोहे की पटरी का टुकड़ा रखा बस्सी थानाधिकारी चंपाराम ने बताया कि सोमवार रात करीब 2.37 बजे सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक पर हादसा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर सामने आया कि अज्ञात व्यक्ति ने चित्तौड़गढ़-कोटा रेललाइन पर ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की थी। तोरनिया और सुवावा गांव के बीच ओराई नदी की पुलिया पर रेलवे ट्रैक के ऊपर पुरानी लोहे की पटरी का टुकड़ा रखा गया था। यह टुकड़ा करीब 17 फीट लंबा था। लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा करीब 3.30 बजे चित्तौड़गढ़ से कोटा जा रही मालगाड़ी के लोको पायलट को ट्रैक पर कुछ संदिग्ध रखा हुआ दिखाई दिया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार के कारण इंजन उस लोहे की पटरी से टकरा गया। टक्कर के बाद वह भारी पटरी ट्रैक से नीचे गिर गई। यदि मालगाड़ी की रफ्तार अधिक होती या पटरी इंजन में फंस जाती, तो पूरी ट्रेन ओराई नदी में गिर सकती थी, जिससे भारी नुकसान हो सकता था। इसकी जानकारी चालक को मिली तो उसने नजदीकी स्टेशन को सूचना दी। यह क्षेत्र चित्तौड़गढ़ के पास होने के बावजूद कोटा रेलवे के तहत आता है। मालगाड़ी को कोई नुकसान नहीं हुआ और कुछ देर रुकने के बाद उसे कोटा के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे ट्रैक भी सुरक्षित रहा, जिससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। आरपीएफ ने दर्ज कराई रिपोर्ट बस्सी थानाधिकारी ने बताया कि कोटा मंडल के कोटा स्टेशन पर तैनात RPF सीआईचौप सिंह डाबर ने बस्सी थाने मेंअज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रेन को गिराने के लिए 17 फीट का रेल लाइन का टुकड़ा ट्रैक पर रखा गया था। घटना के बाद बुधवार को उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। कई बदमाशों के शामिल होने की आशंका रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिस 15 फीट लंबी लाइन को ट्रैक पर रखा गया था, वह बहुत भारी थी। उसे कोई अकेला व्यक्ति उठाकर पटरी पर नहीं रख सकता। इससे यह स्पष्ट है कि इस साजिश में एक से ज्यादा बदमाश शामिल थे। इन बदमाशों ने पास ही रखी पुरानी लाइनों के ढेर से इसे उठाकर मुख्य ट्रैक पर रखा था। पुलिस ने मौके से लोहे का टुकड़ा जब्त करने की कार्रवाई शुरू की है। पारसोली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। साइबर सेल की टीम ने मौके के बीटीएस लेकर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।