जैविक खेती करने वाले किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए नया बाजार मिलने जा रहा है। राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत जोधपुर की सब्जी मंडी स्थित किसान विश्राम भवन में अस्थायी ऑर्गेनिक फूड मार्केट शुरू करने की तैयारी है। यहां तिंवरी, मथानिया, ओसियां समेत जिलेभर के प्रमाणित जैविक उत्पादक 100 रुपए प्रतिदिन किराये पर काउंटर लेकर सीधे ग्राहकों को उपज बेच सकेंगे। फल-सब्जियों के साथ जैविक अनाज, दूध-घी, डेयरी उत्पाद और अन्य प्रमाणित खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराने की योजना है। मंडी सचिव दुर्गाराम जाखड़ के अनुसार, बाजार प्रायोगिक तौर पर शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य जैविक उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। मथानिया के जैविक किसान रतनलाल डागा ने इसे उपयोगी पहल बताते हुए कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उपज के साथ उचित बाजार मिलना भी जरूरी है। प्रमाणित उत्पादकों को ही मिलेगा काउंटर : बाजार में सामान्य व्यापारियों को काउंटर आवंटित नहीं होंगे। मान्यता प्राप्त संस्थाओं से वैध स्कोप सर्टिफिकेट रखने वाले जैविक उत्पादकों और प्रसंस्करणकर्ताओं को ही आवेदन का अवसर मिलेगा। प्रमाणपत्र में दर्ज उत्पादों की ही बिक्री की अनुमति होगी। काउंटर पर प्रमाणपत्र, उसकी वैधता और क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। आवेदकों और उत्पादों का संबंधित विभागों की संयुक्त टीम सत्यापन करेगी। इसके बाद नियमानुसार काउंटर आवंटित होंगे। जल्द खराब होने वाले उत्पादों, दूध-डेयरी उत्पादों, फल-सब्जियों, मसालों और प्रमाणित प्रसंस्कृत जैविक उत्पादों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। पांच हजार रुपए अमानत राशि, बिजली शुल्क अलग : काउंटर के लिए 100 रुपए प्रतिदिन किराया और 5 हजार रुपए अमानत राशि जमा करानी होगी। निर्धारित अवधि पूरी होने पर अमानत राशि नियमानुसार लौटाई जाएगी। बिजली का शुल्क 10 रुपए प्रति यूनिट अलग से देना होगा। काउंटर न्यूनतम एक और अधिकतम तीन माह के लिए अस्थायी रूप से मिलेंगे। आवेदन अधिक होने पर रोटेशन के आधार पर अन्य उत्पादकों को भी मौका दिया जा सकेगा। इससे किसानों को सीधे ग्राहक मिलेंगे और उपभोक्ता एक ही स्थान पर प्रमाणित जैविक उत्पाद खरीद सकेंगे।