पाली में सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के चैंबर को कुर्क कर दिया गया। ताला लगाकर चाबी डिक्रीदार को सौंप दी गई। कोर्ट के आदेश के बाद भी फार्मा कंपनी के ब्याज के 22.9 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया गया था। कंपनी ने साल 2012 और 2013 में करीब 48 लाख रुपए की दवाइयां सप्लाई की थीं। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर कंपनी ने ब्याज दिलाने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने 9 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से राशि चुकाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की गई। सीएमएचओ विकास मारवाल का कहना है कि सामने वाली पार्टी ने ब्याज के लिए कोर्ट में क्लेम किया है। वे भी कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे देखें … कार्रवाई की तस्वीरें कोर्ट के आदेश पर भी नहीं किया था भुगतान जानकारी के अनुसार, साल 2012 और 2013 में मेकोन फार्मा ने पाली CMHO कार्यालय को करीब 48 लाख रुपए की दवाइयां सप्लाई की थीं। साल 2015 में तत्कालीन CMHO ने कंपनी को 26 लाख रुपए का भुगतान किया। इसके बाद मार्च 2022 में बकाया 22 लाख रुपए का भुगतान किया गया। लंबे समय तक भुगतान रोके रखने के चलते कंपनी के प्रोपराइटर जयकुमार शर्मा ने साल 2020 में ब्याज की मांग को लेकर वाणिज्यिक न्यायालय, जोधपुर में याचिका दायर की थी। सितंबर 2025 में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए परिवादी को 9 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से 22 लाख 9 हजार 117 रुपए देने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसके बाद भी CMHO कार्यालय की ओर से परिवादी को ब्याज की राशि का भुगतान नहीं किया गया। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं किया तो चेंबर कुर्क मामले में 3 महीने पहले कोर्ट की ओर से CMHO, पाली को नोटिस जारी किया गया था। इसमें परिवादी को राशि का भुगतान नहीं करने पर डिक्री की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया तो सोमवार को कोर्ट के आदेश पर CMHO के चेंबर को कुर्क कर दिया गया। चैंबर पर ताला लगाकर डिक्रीदार जयकुमार शर्मा को चाबी सौंप दी गई। वहीं, चेंबर पर कोर्ट का नोटिस चिपकाया गया। कार्रवाई के लिए पाली जिला एवं सेशन कोर्ट के सेल अमीन रवि कुमार और सवार देवेंद्रसिंह मौके पर पहुंचे थे।