पाली के बांगड़ कॉलेज का एग्जाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। जिसमे कुछ स्टूडेंट क्लास में एग्जाम दे रहे है। वहीं एक स्टूडेंट टेबल के नीचे मोबाइल से नकल करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो मंगलवार को सामने आया है। कॉलेज प्रशासन से ​बात की तो उन्होंने बताया- ऐसी किसी तरह की परीक्षा कॉलेज में नहीं करवाई गई। न ही लेक्चरर की ड्यूटी कभी किसी परीक्षा में पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई है। उन्होंने आगे कहा- कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। कॉलेज को बदनाम करने के लिए किसी ने एडिट वीडियो का उपयोग किया है। जरूरत पड़ने पर मामला दर्ज करवाएंगे, ताकि सच सामने आ सके। मोबाइल से नकल करते दिखा युवक दरसअल, मंगलवार को एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक परीक्षा रूम में बैठा है। मोबाइल से नकल कर रहा है। उस वीडियो में यह भी दिख रहा है कि गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर दीक्षा वर्मा रूम से बाहर निकल रही है। वीडियो में बांगड़ कॉलेज लिखी कॉपी भी दिख रही है। दावा है कि यह वीडियो बांगड़ कॉलेज का है। लेक्चरर ने किसी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी इस मामले को लेकर बांगड़ कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा ने कहा- पिछले दो-तीन सालों से बांगड़ कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी के रूप में लगी हुई हूं। अभी तक किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी है और न ही वह अधिकृत्त है। सिर्फ क्लास में पढ़ाती हूं। वीडियो ​एडिट किया हुआ है। गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी एग्जाम में नहीं लगती इस मामले में बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल एमएस राजपुरोहित ने कहा- गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा की किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वे विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत है। आयुक्तालय के निर्देशानुसार किसी भी गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी परीक्षा में नहीं लगा सकते। वीडियो फेक और एडिट किया हुआ है, ताकि कॉलेज की छवि को खराब किया जा सके। विश्वविद्यालय की जो परीक्षा संचालित की जा रही है। किसी भी परीक्षा में दीक्षा वर्मा की ड्यूटी नहीं लगाई गई। वीडियो में जो कॉपी बताई जा रही है। यह रूटीन क्लास टेस्ट की पुरानी कॉपी लग रही है। जिसे किसी ने चुराकर झूठा बदनाम करने के लिए एडिट कर वीडियो बनाया है। इसकी जांच करवा रहे है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामला भी दर्ज करवाएंगे।