पाली शहर के सूरजपोल चौराहे पर रविवार सुबह करीब दस बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास का पुतला फूंका। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सचिन पायलट पर टिप्पणी को लेकर भड़का विरोध कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित ने बताया - कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट को लेकर राधामोहन दास द्वारा की गई टिप्पणी पूरी तरह असम्मानजनक और आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा सार्वजनिक जीवन में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता। राजपुरोहित ने कहा कि राधामोहन दास की यह टिप्पणी उनकी मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में शब्द ही नेता की संस्कृति और सोच को दर्शाते हैं। ऐसे में अमर्यादित भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजस्थान भाजपा प्रभारी राधामोहन दास की यह टिप्पणी केवल एक नेता का अपमान नहीं है, बल्कि राजस्थान की राजनीतिक मर्यादा पर भी चोट है। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा में गरिमा बनाए रखना जरूरी है। सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलना गलत है। कांग्रेस ने मांग की कि राधामोहन दास को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सूरजपोल चौराहे पर फूंका पुतला इसी विरोध के चलते कांग्रेस कार्यकर्ता सूरजपोल चौराहे पर एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए राधामोहन दास का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में पाली विधायक भीमराज भाटी, पूर्व राज्यमंत्री चुन्नीलाल चाडवास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोवर्धन देवासी, पूर्व जिलाध्यक्ष अजीज दर्द, प्रदेश महासचिव भूराराम सीरवी, शोभा सोलंकी, पाली शहर अध्यक्ष हकीम भाई, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष कृष्णा सांसी, ओबीसी जिलाध्यक्ष गोविन्द बंजारा सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। इसके अलावा नीलम बिड़ला, मेहबूब भाई, मांगूसिंह दूदावत, रफीक चौहान, रमेश चावला, भेराराम गुर्जर, लक्षमण कच्छवाह, प्रकाश सांखला, मदन सिंह जागरवाल, साजिद भाई, भेरू सिंह, मानक गर्ग ठाकुरला, रणजीत सिंह भादरलाऊ, रामचंद्र बुनकर, बाबूलाल बोराणा, हेमाराम मनिहारी, रतन उदेश, आमीन अली रंगरेज, गोरधन प्रजापत, जोगाराम सोलंकी, मोनू भाई, आनंद सोलंकी, मुकेश देवासी, वीरेंद्र सिंह, आनंद सेन, अर्जुन सांसी, सुरेश बंजारा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।