पाली में मां-बेटों के सामूहिक सुसाइड के मामले में पुलिस को घर से कोल्ड ड्रिंक की आधी भरी हुई बोतल मिली है। पुलिस को आशंका है कि मां और दोनों बेटों ने कोल्ड ड्रिंक की बोतल में जहर मिलाकर पीया। पाली सिटी सीओ मदन सिंह का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। इसी कारण औद्योगिक नगर थाना प्रभारी निरमा विश्नोई और उनकी टीम ने शनिवार को एक बार फिर घर की गहनता से जांच की थी। पहले जहर की शीशी और सुसाइड नोट पुलिस को मिला था। अब कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है। आशंका है कि तीनों ने इसमें जहर मिलाकर पीया हो। इसी कारण बोतल को जांच के लिए जोधपुर लैब भेजेंगे ताकि स्पष्ट हो सके। हालांकि जिस घर में सुसाइड हुआ, उसे परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों का कहना है कि अगले 12 दिन अब उसी घर में पूजा पाठ किया जाएगा, जिससे मृतकों की आत्मा को शांति मिल सके। पहले 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला 1. सामूहिक सुसाइड: पाली शहर के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र के जोधपुर रोड स्थित आशापुरा टाउनशिप में 9 अप्रेल को शाम करीब पांच बजे एक घर में शांति देवी (59) और उनके दो बेटे नरपत लाल (34) और रघुवीर (26) की बॉडी मिली थी। जिनसे बदबू आ रही थी। 2. फंदा और जहर की बोतल: पुलिस को नरपत के पंखे से लटकने के सबूत मिले थे। तीनों के शव फर्श पर पड़े थे और फंदा लगाने के दौरान नरपत की बॉडी रस्सा टूटने से नीचे गिरी हुई थी। शवों के पास जहर की एक बोतल और सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला। जिसे जब्त किया गया। 3. सुसाइड नोट: सुसाइड नोट में पिता की मौत और बीमारी के चलते डिप्रेशन की बात लिखी थी। नरपत एक ऑयल कंपनी में काम करता था। बीमारी के चलते पिछले करीब 8 महीने से घर पर था। छोटा भाई रघुवीर विवेकानंद सर्किल के पास मोबाइल शॉप पर काम करता था। पुलिस ने परिजनों को सौंपा मकान, 12 दिन तक विधि-विधान से होगी पूजा सीओ मदन सिंह ने बताया कि टाउनशिप के जिस घर में मां और दोनों बेटों के शव मिले थे, पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया था। शनिवार को फिर से जांच करने के बाद घर को परिजनों को सौंप दिया। मृतकों के परिजनों की इच्छा है कि वे तीनों मृतकों के 12 दिन का कार्यक्रम इसी घर में करें। इसके बाद पुलिस ने घर में सभी पूजा विधि-विधान से करने की इजाजत दे दी। … सुसाइड से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले:घर से आ रही थी बदबू, दो दिन से गेट अंदर से बंद था, सुसाइड नोट मिला सामूहिक सुसाइड: बड़े बेटे की बीमारी से परेशान था परिवार:दोस्त से कहा था- फोन मत करना, दरवाजा खटखटाना; जहर की बोतल भी मिली सामूहिक सुसाइड: अपने मकान को अपशकुनी मानता था बड़ा बेटा:पुलिस ने मां के गहने सौंपे तो बिलख पड़ी बेटी, बोली-अब अकेली क्या करूंगी