परकोटे के बाजारों में पार्किंग के नाम पर ठेकेदारों ने अपनी ही रेट लिस्ट चला रखी है । नगर निगम ने दुपहिया वाहन के शुरुआती एक घंटे का शुल्क 10 रुपए तय किया है, लेकिन जौहरी बाजार और चौड़ा रास्ता में वाहन खड़ा करते ही 20 रुपए वसूले जा रहे हैं। चौपहिया वाहन के लिए शुरुआती शुल्क 50 रुपए है, लेकिन यहां 100 रुपए देने पड़ रहे हैं। यानी निगम के तय रेट से दोगुनी वसूली। हैरानी यह है कि पार्किंग स्थलों पर निगम के शुल्क बोर्ड तक गायब हैं। वाहन खड़ा करने का समय भी पर्ची पर दर्ज नहीं किया जा रहा। ठेकेदार के कर्मचारी दुपहिया वाहन चालकों को चौपहिया वाहनों वाली हाथ से लिखी पर्चियां थमा रहे हैं। इनमें दुपहिया वाहनों का शुल्क तक दर्ज नहीं है। निगम के टेंडर में मशीन से पर्ची काटने की शर्त है, लेकिन यहां हाथ से पर्चियां काटकर वसूली का हिसाब रखा जा रहा है। लोगों की शिकायतों के बावजूद हेरिटेज निगम के अधिकारी चुप हैं। कई जगह निगम के निर्धारित शुल्क के बोर्ड भी नहीं लगे हुए हैं जौहरी बाजार और चौड़ा रास्ता में निगम ने पार्किंग ठेके में शुल्क की पर्ची मशीन से काटने की शर्त रखी है। इसका मकसद हर वाहन की एंट्री, पार्किंग का समय और वसूली का हिसाब पारदर्शी रखना है, लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी मशीन की जगह हाथ से पर्चियां काट रहे हैं। कई जगह निगम के निर्धारित शुल्क के बोर्ड भी नहीं लगे हैं। पर्ची पर वाहन खड़ा करने का समय दर्ज नहीं होने से यह भी पता नहीं चलता कि कितनी देर की पार्किंग का शुल्क लिया गया। ऐसे में ठेकेदारों की वसूली पर निगरानी का पूरा सिस्टम ही सवालों के घेरे में है। दोनों बाजारों में हर दिन पार्क हो रहे 2 हजार वाहन दोनों बाजारों में हर दिन करीब 2 हजार वाहन पार्क हो रहे हैं। दुपहिया और चौपहिया वाहनों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। उपलब्ध शिकायतों के आधार पर हर दिन करीब 10 हजार रुपए की अतिरिक्त वसूली का अनुमान है। इस हिसाब से महीने में करीब 3 लाख रुपए और सालभर में करीब 36 लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली हो सकती है। पर्ची पर ‌~10, वसूले 20; लक्ष्य कुमार ने बताया कि उन्होंने जौहरी बाजार में मस्जिद के पास दुपहिया वाहन खड़ा किया था। पार्किंग कर्मचारी ने 20 रुपए ले लिए, जबकि पर्ची पर एक घंटे के 10 और इसके बाद के एक घंटे के 20 रुपए लिखे हुए हैं, जबकि शुरुआती एक घंटे के ही 20 रुपए वसूल लिए। पौन घंटे बाद पहुंचे तो दूसरी जगह मिला वाहन खरीदारी करने गए विजय सिंह ने बताया कि 27 अक्टूबर को वे जौहरी बाजार गए थे। उन्होंने एलएमबी के पास दुपहिया वाहन खड़ा किया। कर्मचारी ने शुरुआत में ही 20 रुपए ले लिए। वाहन का लॉक भी नहीं लगाया। करीब पौन घंटे बाद लौटे तो उनका दुपहिया वाहन दूसरी जगह खड़ा मिला। पर्ची में दुपहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क तक नहीं लिखा था। ठेकेदार की ओर से अवैध वसूली की जा रही है तो गलत है। इस संबंध में जोन अधिकारियों और ठेकेदार से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई करेंगे। -नवीन भारद्वाज, उपायुक्त राजस्व