नगरपरिषद की डस्टबिन फ्री शहर बनाने की मुहिम बाड़मेरवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। शहर के मुख्य मार्गों, आवासीय कॉलोनियों और चौराहों से कचरा पात्र तो तेजी से हटा दिए गए, लेकिन इनके स्थान पर कचरा संग्रहण की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नतीजा यह है कि अब शहर की मुख्य सड़कों पर गंदगी के ढेर लग रहे हैं और हवा के साथ उड़ता कचरा लोगों के घरों और छतों तक पहुंच रहा है। नगरपरिषद की इस अदूरदर्शी कार्यप्रणाली से व्यस्ततम इलाकों की सूरत बिगड़ गई है। सिणधरी चौराहा, रेलवे स्टेशन रोड, चौहटन चौराहा, राय कॉलोनी मुख्य मार्ग और नेहरू नगर जैसे क्षेत्रों में डस्टबिन हटते ही अब लोग खुले में कचरा फेंकने को मजबूर हैं। व्यापारियों व नागरिकों का दर्द महावीर नगर में पराठा हाउस संचालक विकास खत्री ने बताया कि पहले कचरा पात्र होने से कचरा एक जगह सीमित रहता था। अब पात्र हटते ही खुले में पड़ा कचरा हवा से उड़कर पूरी सड़क पर फैल रहा है, जिससे भारी दुर्गंध और गंदगी हो गई है। राय कॉलोनी निवासी खुशालसिंह ने बताया कि नगरपरिषद ने बिना सोचे-समझे डस्टबिन हटा दिए। अब कचरा फेंकने की कोई जगह नहीं बची है। परिषद ने दिया गाइडलाइन का दिया हवाला नगरपरिषद प्रशासन का कहना है कि केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत गाइडलाइन के तहत शहर को डस्टबिन फ्री श्रेणी में लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि डस्टबिन होने से वहां कचरे के ढेर लग जाते थे, इसलिए अब सीधे डोर-टू-डोर ऑटो-टिपर के माध्यम से कचरा उठा लेंगे। अधूरी व्यवस्था से उठे सवालों का जवाब नहीं जिन स्थानों से डस्टबिन हटाए गए, वहां कचरा डालने की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?, बाजारों और व्यावसायिक स्थलों का दिनभर का कचरा आखिर कहां जाए? यदि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रभावी है, तो फिर सड़कों पर कचरे के ढेर क्यों जमा हो रहे हैं?, इन सवालों का नगरपरिषद के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं हैं। बिना कार्य योजना के भुगत रहा हैं पूरा शहर शहर के 55 वार्डों में रखे हुए कचरा पात्र हटाने के बाद नगरपरिषद के पास कचरा संग्रहण की कोई ठोस कार्य योजना नहीं हैं। हालांकि परिषद के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि घर घर जाकर वाहन कचरा संग्रहण कर रहे हैं। लेकिन जब इसकी हकीकत जानी तो अधिकांश वार्डों में न तो कचरा संग्रहण की गाड़ी पहुंच रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन के तहत बाड़मेर को डस्टबिन फ्री और सुंदर शहर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। शहर के सभी 55 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुदृढ़ किया जा रहा है। - भगवतसिंह, आयुक्त, नगरपरिषद बाड़मेर