जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) के भूगोल विभाग की 5 अक्टूबर से लागू समय सारिणी में शिक्षकों के कालांशों के आवंटन पर सवाल उठे हैं। स्नातकोत्तर कक्षाओं में एक ही शिक्षक के नाम पर एक ही समय में दो कक्षों में कालांश दर्शाए गए हैं। स्नातक की प्रायोगिक कक्षाओं में विद्यार्थियों के ग्रुप गठन के मानदंड पर भी सवाल हैं। विभाग के नोटिस बोर्ड पर चस्पां और शिक्षकों को दी गई समय सारिणी के अनुसार स्नातकोत्तर कक्षाओं में विभागाध्यक्ष को कुल 12 कालांश आवंटित हैं। शुक्रवार को दोपहर 12 से 1 बजे और 1 से 2 बजे तक कक्ष संख्या 149 और 143 में एक ही समय पर उनके कालांश दर्शाए गए हैं। इस तरह चार कालांशों का समय आपस में टकरा रहा है। एक शिक्षक के दोनों कक्षों में एक साथ उपस्थित नहीं हो पाने से उनके वास्तविक शिक्षण कालांश 12 के बजाय 10 रह जाते हैं। टाइम टेबल को-ऑर्डिनेटर शिक्षिका के भी दोपहर 12 से 1 बजे और 1 से 2 बजे तक इन्हीं कक्षों में एक साथ कालांश दर्शाए गए हैं। वरिष्ठता को लेकर भी विवाद| विभागाध्यक्ष के अवकाश पर जाने पर वरिष्ठता दरकिनार कर जूनियर शिक्षिका को पदभार देने का मामला भी विवाद में रहा था। भास्कर ने इस संबंध में खुलासा किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन विभागाध्यक्ष को वरिष्ठता के संबंध में निर्देश देने की तैयारी कर रहा है।