फलोदी में गुरुवार को जिला अस्पताल फलोदी और ग्रामीण सेवा शिविर में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक कर मानव जीवन बचाने के लिए प्रेरित करना था। अधिकारी और कर्मचारियों ने अंगदान की शपथ ली कार्यक्रम में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने अंगदान की शपथ ली। उन्होंने समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया। आगामी विश्व अंगदान दिवस (3 अगस्त) और अंगदान माह (जुलाई) के उपलक्ष्य में भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन शपथ कार्यक्रम में भी लोगों ने हिस्सा लिया। जिला अस्पताल और ग्रामीण सेवा शिविरों में उपस्थित लोगों, डॉक्टरों और चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने ऑनलाइन शपथ ग्रहण की। 5 लाख लोगों ने डिजिटल अंगदान की शपथ ली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया- देश में पांच लाख से अधिक नागरिक डिजिटल अंगदान की शपथ ले चुके हैं। हालांकि, वास्तविक अंगदान की संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है। डॉ. राठौड़ ने जोर दिया कि एक मृत अंगदाता अपने अंगों के माध्यम से आठ लोगों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। सीएमएचओ ने जिले के नागरिकों से स्वयं अंगदान के लिए आगे आने और अपने परिवार व समाज को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने अंगदान को 'महादान' बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अनेक लोगों को नया जीवन दे सकता है। कई कर्मचारी और अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को अंगदान की शपथ दिलाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर डॉ. सतीश कटारिया, डॉ. धर्मेंद्र पुनिया, नर्सिंग अधीक्षक चैनाराम गोगलु, पूर्णमल सोनी, शिवप्रकाश चांडा, रतन जैन और जयश्री सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।