राष्ट्रीय पशुपालक संघ और स्थानीय प्रतिनिधियों ने सोमवार को जयपुर में कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा को उनके निवास पर सम्मानित किया। यह सम्मान पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित कमलेश मेटाकास्ट खनन परियोजना का मुद्दा विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाने और इसे रद्द करने की मांग रखने के लिए किया गया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका, संस्थापक भीखूसिंह, सिरोही जिलाध्यक्ष सवाराम, जालोर जिलाध्यक्ष छगनजी देवासी और नागोलड़ी से वसुंधरा देवासी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने विधायक बोहरा का दुपट्टा और माला पहनाकर स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि खनन परियोजना से क्षेत्र के पर्यावरण, पशुपालकों के चरागाह और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। विधायक द्वारा विधानसभा में इस विषय को उठाना जनभावनाओं के अनुरूप है। विधायक रोहित बोहरा ने पूर्व में विधानसभा के भीतर कमलेश मेटाकास्ट खनन परियोजना का मुद्दा उठाया था और पिण्डवाड़ा क्षेत्र में इसे निरस्त करने की मांग की थी। इस परियोजना के विरोध में राष्ट्रीय पशुपालक संघ और स्थानीय संघर्ष समिति लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उनका तर्क है कि खनन शुरू होने से चरागाह भूमि, जल स्रोतों और पर्यावरणीय संतुलन पर गहरा असर पड़ेगा, जिससे पशुपालक और ग्रामीण परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। इस पूरे घटनाक्रम में विधायक के निजी सचिव पदमाराम देवासी तरूंगी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि आंदोलन से जुड़े पक्षों और विधायक के बीच समन्वय स्थापित करने, मुलाकात को सफल बनाने और विषय की गंभीरता को उचित मंच तक पहुंचाने में उनका विशेष योगदान रहा। उनके प्रयासों से पशुपालक समाज और संघर्ष समिति की बात प्रभावी रूप से विधायक तक पहुंच सकी। डीएनटी मुद्दे पर भी आश्वासन मुलाकात के दौरान विधायक बोहरा ने समाज के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे डीएनटी (घुमंतू एवं विमुक्त जाति) समाज से जुड़े मुद्दों को भी विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे। इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधियों ने विधायक के प्रति आभार जताते हुए जनहित के विषयों पर आगे भी सहयोग की उम्मीद जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा स्थानीय समस्याओं को सदन तक पहुंचाना लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है और इससे क्षेत्र की जनता को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ती है।