जयपुर अब शिक्षा का हब बन रहा है क्योंकि यहां अफोर्डेबल हाउसिंग, कम फीस और सुरक्षित माहौल है। मेट्रो शहरों में एमबीए 10-15 लाख का होता है तो पोद्दार में सिर्फ 3-5 लाख में। राजस्थान सरकार के राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम से स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मजबूत हो रहा है। आनंद पोद्दार, चेयरमैन ने बताया कि पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज ने 10 साल पहले ही NEP (नई एजुकेशन पॉलिसी) के मूल्यों को अपनाया। वैल्यू एडेड प्रोग्राम्स शुरू किए जहां कॉमर्स के साथ साइंस, आर्ट्स के साथ अन्य विषय पढ़ाए जाते हैं। एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, बजाज फिनसर्व जैसे ब्रांड्स के साथ टाई-अप हैं। इनोफेस्ट फेस्ट में करोड़ों की फंडिंग छात्रों को दी गई। UAE, सिंगापुर, मलेशिया के ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम से छात्र विश्व स्तर का एक्सपोजर ले रहे हैं। AI को बीबीए, बीसीए, एमबीए, पीजीडीएम में एम्बेड किया गया। साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल मार्केटिंग में AI टूल्स सिखाए जाते हैं। 360 डिग्री स्किल्स - क्रिएटिव, इनोवेशन, कम्युनिकेशन, स्पिरिचुअल और एंटरप्रेन्योरशिप पर फोकस है। सरकार से अपेक्षा है कि स्किल पार्क, रिसर्च पार्क और इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट प्लेटफॉर्म बनाए जाएं। पोद्दार जैसे कॉलेज किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर जयपुर को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा हब बना रहे हैं।