पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने के आरोपी को भीलवाड़ा की बिजौलिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 3 साल से फरार चल रहा था। बिजौलिया थानाधिकारी स्वागत पांड्या ने बताया कि आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ मिन्टू उर्फ मिन्टा (38) निवासी कांगथला (रहीमपुर)थाना पातड़ा, जिला पटियाला (पंजाब) को पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था। जून 2023 में दर्ज इस प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पंजाब का सजायाफ्ता अपराधी है। इसी मामले में इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। नाकाबंदी तोड़कर भागा था पुलिस के अनुसार, पूरा घटनाक्रम जून 2023 का है। उस समय तत्कालीन बिजोलिया थानाधिकारी उगमाराम बेनीवाल के नेतृत्व में केसरगंज कट पर संदिग्ध वाहनों की सघन नाकेबंदी की जा रही थी। इसी दौरान लाड़पुरा की ओर से जयपुर नंबर की एक संदिग्ध स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने वाहन रोकने के बजाय नाकेबंदी में तैनात पुलिसकर्मियों पर ही कार चढ़ाने का प्रयास कर दिया। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए और आरोपी तेज रफ्तार से नाकेबंदी तोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद बेनीवाल ने पुलिस पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, नाकेबंदी तोड़ने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था। कार छोड़कर जंगल में भागे तस्कर घटना की सूचना तत्काल बूंदी जिले के डाबी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही डाबी थाना पुलिस ने सूतड़ा गांव के पास ए-श्रेणी की नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद तेज रफ्तार स्विफ्ट कार वहां पहुंची, लेकिन पुलिस को सामने देखकर आरोपी घबरा गए और कार सड़क पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर फरार हो गए। पुलिस ने देर रात तक जंगल में चलाया था सर्च ऑपरेशन पुलिस ने जब संदिग्ध कार की तलाशी ली तो उसमें प्लास्टिक के कट्टों में भरा 98 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके बाद डाबी थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, जबकि बिजोलिया थाना पुलिस ने पुलिस पर जानलेवा हमला और नाकेबंदी तोड़ने के मामले में अलग प्रकरण दर्ज किया था। 3 साल तक बचता रहा आरोपी, अब गिरफ्तार घटना के बाद से आरोपी गुरविंदर सिंह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई तलाश के बाद पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में डोडा तस्करी गिरोह और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।