भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं झुंझुनूं की लेखिका पूजा नूनिया मांजू ने अपनी पहली अंग्रेजी पुस्तक A Vein of Gold-From Innocence to Maturity के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उपन्यास में शामिल मौलिक प्रेरक उद्धरणों के आधार पर उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। वहीं, इसी उपलब्धि के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें ग्रैंड मास्टर सम्मान से नवाजा है। पूजा का उपन्यास एक महिला आईएएस अधिकारी के वास्तविक जीवन से प्रेरित है। इसमें एक साधारण युवती के बचपन से परिपक्वता तक के भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक सफर को प्रस्तुत किया गया है। कहानी केवल सफलता की दास्तां नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रेम, आत्मनिर्भरता, विवाह, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक मान्यताओं और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर भी गंभीर विमर्श करती है। लेखिका का उद्देश्य पाठकों का केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रति सकारात्मक और जागरूक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है। पूजा नूनिया मांजू पेशे से इंजीनियर रह चुकी हैं। वर्तमान में वे लेखन, शिक्षा सुधार और प्रेरक वक्तृत्व के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में काम कर रही हैं।