कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल बोले चार महिलाओं की मौत और आठ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बावजूद सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगना इससे शर्मानाक स्थिति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आंसू पोछने से दर्द कम नहीं होता। यदि समय रहते पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला। तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। गुंजल ने दवा कंपनी पर भी लगाए आरोप गुंजल ने मामले में दवा सप्लाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- जवाब दीजिए कौन है ड्रग माफिया? मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने बातचीत में खुद स्वीकार किया है। इसमें डॉक्टरों की इतनी लापरवाही नहीं हो सकती। यह दवा का रिएक्शन है। कौन है वो दवा सप्लायर? किस-किस भाजपा नेता की उसमें पार्टनरशिप है? जो एनओसी लेकर करोड़ों रुपए दवाइयां सप्लाई कर रहे हैं। प्रशासन व जनप्रतिनिधि को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कौन सी कंपनी की दवा थी। उस कंपनी के खिलाफ क्यों करवाई नहीं हो रही। बतादें, कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत व तबीयत बिगड़ने के मामले में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (हॉस्पिटल) रोड़ पर आज धरना दिया। गुंजल बोले- मृतक के परिजनों को धमकाया गया गुंजल में कहा कि मंगलवार को जब हमने धरने की घोषणा की तो प्रशासन की जमीन खिसक गई। रात को मृतक के परिजनों को धमकाया। ये नैतिकता बची है। नाकामी पर पुलिस की दादागिरी से पर्दा मत डालिए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच जो सहमति बनी है, उस पर तय समय सीमा में अमल होना चाहिए। यदि प्रशासन समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता है तो कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व से चर्चा कर आगे आंदोलन करेगी। निश्चित अवधि में अगर समझौते पर अमल नहीं हुआ, तो हम प्रदेश अध्यक्ष से बात करके आगे लड़ाई लड़ेंगे। गुंजल ने यह कहा कि जिन महिलाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ हुए बिना डिस्चार्ज नहीं किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मरीजों को जल्दबाजी में छुट्टी दी गई तो वे अस्पताल गेट पर धरना देंगे। --- ये खबर भी पढ़ें हेल्थ सेक्रेटरी बोलीं-रात में सीनियर डॉक्टर नहीं रहते:स्टैंडर्ड प्रोसीजर भी फॉलो नहीं हो रहा,विभागों के पास एसओपी ही नहीं;जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसुताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने के मामले में सरकार ने 2 डॉक्टर व 2 नर्सिंग अधिकारियों को सस्पेंड किया है। यह कार्रवाई जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। (पूरी खबर पढ़ें)