प्रतापगढ़ में जांगिड ब्राह्मण समाज का 25वां आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को रजत जयंती वर्ष के रूप में संपन्न हुआ। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आयोजित इस समारोह में 22 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परिणय सूत्र में बंधे। समारोह स्थल पर उत्सवी माहौल था। समाजजन, परिजन और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई, जिसमें नवदंपतियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गई। इस आयोजन में सादगी और पारंपरिक रीति-रिवाजों को विशेष महत्व दिया गया, जो भारतीय संस्कृति को दर्शाता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया। इसमें दहेज प्रथा, बाल विवाह, अत्यधिक खर्च और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि ऐसे आयोजन न केवल सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सहारा प्रदान करते हैं। रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह सम्मेलन समाज के लिए एक मिसाल बना।