प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत शनिवार को गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच और स्वास्थ्य परामर्श किया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया। शिविरों में गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। जांच में एनीमिया पाए जाने वाली महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन सुक्रोज और अन्य जरूरी उपचार उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही महिलाओं को सुरक्षित प्रसव, गर्भावस्था के दौरान सावधानियां, खतरे के संकेत और समय पर चिकित्सा संस्थान पहुंचने के महत्व की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने किया स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि पीएमएसएमए अभियान का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की पहचान कर मां और शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों और एएनएम के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक लाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी जांच और परामर्श किया। सीएमएचओ ने शनिवार को आलेश्वर, कुलथाना और पूणे सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जांच व्यवस्था, प्रयोगशाला सेवाएं, दवा उपलब्धता और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी रजिस्टर की जानकारी ली। मां वाउचर योजना और रेफरल व्यवस्था की भी समीक्षा डॉ. जीवराज मीणा ने रेफरल व्यवस्था और मां वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए जारी किए जा रहे वाउचरों की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को सभी पात्र गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उच्च चिकित्सा संस्थानों पर रेफर किया जा रहा है। इसके साथ ही निःशुल्क परिवहन सुविधा, जननी सुरक्षा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएमएचओ ने बताया कि जिले में जननी एक्सप्रेस सेवा सुचारु रूप से संचालित की जा रही है, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल रही है। मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करना लक्ष्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर जांच, जोखिम की शीघ्र पहचान और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। अभियान के तहत जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने भी विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।