स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने प्री-D.El.Ed एग्जाम 2019-20 में धांधली करने वाले एक संगठित गिरोह का गुरुवार शाम को खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षार्थियों को पास करवाने के बदले मोटी रकम वसूलता था। मामले के खुलासे के बाद भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम देने के मिले थे डॉक्यूमेंट एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि तलाशी के दौरान अशोक सारण के पास प्री.डीएलएड एग्जाम में मेन कैंडिडेट की जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम देने के डॉक्यूमेंट मिले थे। जिसके बाद एसओजी की ओर से साल-2021 में प्री.डीएलएड-2019-20 एग्जाम में चीटिंग की शिकायत पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मेन कैंडिडेट की ओर से रुपए देकर अपने स्थान पर डमी कैंडिडेट से एग्जाम दिलवाई गई थी। प्रकरण में पिछले 5 साल से वांटेड चल रहे 12 कैंडिडेट को उदयपुर ग्रामीण से 5 अप्रैल को अरेस्ट कर जेसी भेजी गया। मास्टर माइंड तक पहुंची पुलिस गिरफ्तार 12 आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरोह के मास्टर माइंड शंभूलाल वडेरा निवासी फलासिया उदयपुर को अरेस्ट किया गया। मास्टर माइंड शंभूलाल से पूछताछ में सामने आया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में एग्जाम फॉर्म भरने वाले कैंडिडेट से कॉन्टैक्ट करता था। परीक्षा पास करवाने का लालच देकर कैश रुपए और डॉक्यूमेंट ले लेता था। डमी कैंडिडेट बैठाकर मेन कैंडिडेट से एग्जाम पास करवाने के एवज में कमीशन लेता था। एसओजी की ओर से फिलहाल अरेस्ट मास्टर माइंड से पूछताछ की जा रही है।