प्रसव के समय में अब तक डीग की प्रसूताओं को एक से दूसरे अस्पताल भटकने का दर्द झेलना पड़ता था। सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत पड़ते ही परिजनों की चिंता और महिलाओं की पीड़ा दोनों बढ़ जाती थीं, लेकिन अब यह हालात बदलने जा रहे हैं। 20 अप्रैल से जिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर शुरू होते ही सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा यहीं मिल सकेगी। अस्पताल में आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। गंगापुर सिटी से दो वेंटिलेटर पहुंच चुके हैं, जबकि एनेस्थीसिया मशीन भिवाड़ी से मंगाई जा रही है। गायनिक, एनेस्थीसिया सहित सभी जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टर पहले से ही पदस्थापित हैं। अब नॉर्मल के साथ सिजेरियन डिलीवरी भी डीग में ही संभव हो सकेगी। गत वर्ष 585 तो इस वर्ष अब तक 122 प्रसूताओं को किया जा चुका है रेफर डीग अस्पताल में सिजेरियन सुविधा के अभाव में वर्ष 2025 में 585 प्रसूताओं को ऑपरेशन के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। वहीं, 1 जनवरी से 13 अप्रैल 2026 तक 122 प्रसूताएं भी रेफर की गईं। इन आंकड़ों से साफ है कि ऑपरेशन थिएटर की कमी के कारण प्रसूताओं को लगातार परेशानी झेलनी पड़ी। सीएमएचओ पर ही एनेस्थीसिया का भी ब्लॉक अतिरिक्त चार्ज डीग अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल पर वर्षों से ब्लॉक सीएमएचओ का अतिरिक्त चार्ज है। इससे उनकी मूल चिकित्सकीय जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। प्रशासनिक काम के बोझ से ऑपरेशन थिएटर के सुचारू संचालन पर असर पड़ने की आशंका है। चिकित्सा मंत्री के ओएसडी डॉ. सुनील सिंह ने निर्देश दिए हैं। 20 अप्रैल तक ऑपरेशन थिएटर शुरू किया जाए। एनेस्थीसिया चिकित्सक को उनके मूल पद पर लगाया जाए। जिससे यहां आने वाली मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। ओटी में जिम्मेदारी तय, इन डॉक्टरों को दी गई कमान ऑपरेशन थिएटर के संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। गायनिक सर्जन डॉ. निर्मल फौजदार सिजेरियन डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेंगे। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया व्यवस्था देखेंगे, वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमराज गुर्जर नवजात शिशुओं की देखभाल करेंगे। इसके साथ ही अस्पताल स्तर पर भी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 20 अप्रैल को ओटी की शुरुआत होने के साथ ही यहां ऑपरेशन भी हो सकेंगे। “चिकित्सा मंत्री के ओएसडी डॉ. सुनील सिंह के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की अनुपालना में ऑपरेशन थिएटर को तैयार कर रहे हैं। चिकित्सकों को उनकी जिम्मेदारियां दी गई हैं और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की हैं। 20 से ऑपरेशन हो सकेंगे।” — डॉ. जितेंद्र फौजदार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, डीग