भास्कर न्यूज | बारां जयपुर स्थित नेविक अस्पताल के निदेशक डॉ. सोनदेव बंसल की हाल ही में की गई अनुचित एवं अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान के आह्वान पर जिले में एक दिवसीय संपूर्ण चिकित्सा बंद ​की गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बारां के सचिव डॉ. नवीन गोयल ने बताया कि एसोसिएशन के आह्वान पर राज्य के लगभग सभी निजी चिकित्सा संस्थान बंद रहे और आरजीएचएस सेवाएं भी पूर्णतः स्थगित रही। यह सांकेतिक हड़ताल एक प्रतिष्ठित चिकित्सक के विरुद्ध केवल कथित लघु प्रक्रियात्मक एवं दस्तावेजीय त्रुटियों के आधार पर सीधे आपराधिक प्रकरण दर्ज कर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किए जाने के विरोध में आयोजित की थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो इसके व्यापक एवं गंभीर परिणाम सामने आएंगे। आईएमए राजस्थान द्वारा मुख्यमंत्री पत्र प्रेषित कर मांगे रखी। जिनमें डॉ. सोनदेव बंसल की बिना शर्त तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने, संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई अनुचित कार्रवाई की जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इस प्रकार की मनमानी रोकने के लिए पुलिस विभाग को स्पष्ट एवं कठोर निर्देश जारी किए जाएं। आरजीएचएस से संबंधित मामलों में आपराधिक कार्रवाई से पूर्व एक स्पष्ट एवं बाध्यकारी एसओपी लागू की जाए। साथ ही आरजीएचएस योजना में लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्याओं जैसे भुगतान में विलंब, अनुचित पेनल्टी, क्लेम्स का मनमाना रिजेक्शन, एम्पैनलमेंट प्रक्रियाओं में अस्पष्टता एवं एसओपी का प्रभावी क्रियान्वयन न होना का समाधान किया जाए। इसके लिए चिकित्सकों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की संयुक्त उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। लंबित भुगतानों का तत्काल निस्तारण किया जाए। सभी लंबित क्लेम्स का 30 दिवस के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। तैयार एसओपी को सख्ती से लागू किया जाए। जब तक आरजीएचएस से संबंधित समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक आरजीएचएस सेवाओं का स्थगन जारी रहेगा। मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने पर राज्य के चिकित्सा संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल सहित अन्य कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।