पुलिस महकमे में अब सिपाही से एसआई तक को रिटायरमेंट वाले दिन प्रमोशन की सौगात मिलेगी। उन्हें एक रैंक ऊपर मानद रैंक पर पदोन्नत कर रिटायर किया जाएगा। इसके प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं। पुलिस महकमे में भर्ती होने वाले ज्यादातर कांस्टेबल को पदोन्नति नहीं मिल पाती। वे 30-35 साल नौैकरी करने के बावजूद कांस्टेबल ही रिटायर्ड हो जाते हैं। सालों से उनकी यह समस्या पुलिस मुख्यालय तक पहुंचती रही है। इसे देखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि कांस्टेबल से एसआई तक के रिटायर्ड होने वाले पुलिसकर्मियों को रिटायरमेंट वाले दिन एक रैंक ऊपर मानद पद रैंक देकर रिटायर किया जाए। इससे रिटायर होने वाले कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल को एएसआई, एएसआई को एसआई और एसआई को इंस्पेक्टर मानद पद की सौगात मिलेगी। रिटायर्ड होने वाले हेड कांस्टेबल की वर्दी पर एक, एएसआई की वर्दी पर दो और एसआई की वर्दी पर तीन सितारे लगाए जाएंगे। इस संबंध में एक अप्रैल को पुलिस मुख्यालय में डीजी, एडीजी, आईजी स्तर के अधिकारियों ने चर्चा की। बीकानेर आए डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने एक रैंक ऊपर मानद पद पर रिटायर करने के प्रस्ताव सरकार को भेज दिए हैं। हालांकि उन्हें आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि, लंबा सेवाकाल होने के कारण उनका वेतनमान थानेदार के बराबर हो जाता है। “सरकारी महकमों में भर्ती होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक दो से पांच पदोन्नतियां मिल जाती हैं। केवल पुलिस विभाग ही ऐसा है जहां कांस्टेबल भर्ती होने वाले को उसी पद से रिटायर होना पड़ता है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की ओर से उन्हें रिटायरमेंट वाले दिन एक रैंक ऊपर मानद पद देकर रिटायर करना निश्चित रूप से सराहनीय है। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल तो बढ़ेगा ही, परिवार और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा।” - सुखदेव व्यास, डीजीपी ऑफिस के रिटायर्ड संस्थापन अधिकारी