प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संदेश में 28 मिनट के संबोधन में 56 बार कांग्रेस पर निशाना साधा, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। जिसे लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सिर्फ प्रोपेगेंडा किया जा रहा है और यह महज वोट बैंक की राजनीति है। अजमेर में उन्होंने लोकसभा में पास नहीं हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संदेश में 28 मिनट में 56 बार कांग्रेस को ही कोसा। बीजेपी की शुरू से महिला आरक्षण लाने की मंशा नहीं थी। उन्होंने परिसीमन की बंदूक महिलाओं के कंधे पर रखकर चलाने की कोशिश की है। ये बयान कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा त्रिपाठी ने मंगलवार को अजमेर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दिया है। पूजा त्रिपाठी का शहर कांग्रेस की ओर से अजमेर आगमन पर स्वागत भी किया गया। भाजपा सरकार को तमाशा बनाने की आदत त्रिपाठी ने कहा- बीजेपी का प्रोपेगेंडा महिला आरक्षण को लेकर चल रहा है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्र के नाम संदेश दिया। यह एक बेहूदा और राजनीतिक संदेश था। सरकार 3 साल पहले यह आरक्षण लाई थी। इस सरकार को तमाशा बनाने की आदत है। बाजे-गाजे के साथ प्रोग्राम चलाया जाता है। बीजेपी ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बुलडोजर बना दिया है। विपक्ष से चर्चा तक नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी महिला है। उनके कंधे पर रखकर परिसीमन की बंदूक चलाने की कोशिश की गई। महिला इनकार करती है हर उस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए जिसका महिलाओं का कोई लेना-देना नहीं। विपक्ष ने जब हराया तो थर्ड मेजोरिटी चाहिए होती है, लेकिन यह लोकतंत्र की जीत हुई तो महिलाओं की हार हुई है। बीजेपी की शुरू से नहीं थी महिला आरक्षण लाने की मंशा त्रिपाठी ने कहा- महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर भाजपा ने सिर्फ कांग्रेस को घेरते हुए एंटी वूमेन बताने का काम किया। कांग्रेस महिला आरक्षण की प्रतिबंदता को लेकर आज भी खड़ी है। हम आज भी बोल रहे हैं, ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दीजिए। पुरुष सांसद सीट छोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि 534 के लोकसभा स्ट्रैंथ में आज शामिल करें, कोई भी विपक्ष एक सवाल भी खड़ा नहीं करेगा। सारे के सारे समर्थन देंगे। लेकिन इनकी बेईमानी है कि लोकसभा में टू थर्ड पर मेजोरिटी पर हार मिलती है। जो दर्शक दीर्घा में महिलाएं थी। कुछ देर बाद वहीं महिलाएं विपक्ष के नारे लगाने लग गई। इनकी शुरू से महिला आरक्षण को लेकर मंशा नहीं थी। प्रधानमंत्री ने 28 मिनट के भाषण में 56 बार कांग्रेस को कोसा त्रिपाठी ने कहा- राष्ट्र के नाम जब प्रधानमंत्री ने संदेश दिया तब लगा कि वह देश की महिलाओं से माफी मांगेंगे। लेकिन पूरे 28 मिनट के भाषण में 56 बार कांग्रेस को ही कोसा है। महिला आरक्षण मुद्दे को महिला बोर्ड हत्या के घर सामाजिक क्रीम के साथ लिंक किया गया। यह प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। राजनीति और इमरजेंसी पर होना चाहिए था राष्ट्र के नाम संदेश महिलाएं बेईमानी करने वाले लोगों को पकड़ लेती है। संसद में लीड कर रही महिलाओं ने बेईमानी करने वालों को पकड़ लिया है। सभी समझ गई कि इनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कोई मंशा नहीं है। इनका जनाधार खिसक रहा है। इन्हें सिर्फ वोट बैंक पॉलिटिक्स करनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एलपीजी संकट और इंटरनेशनल संकट पर राष्ट्र के नाम संदेश देना चाहिए था। वह सिर्फ कांग्रेस को कोसने के लिए आए थे। राष्ट्र के नाम संदेश राजनीति और इमरजेंसी पर होना चाहिए था। राजनीतिक चाल से देश की महिलाओं को हुआ नुकसान त्रिपाठी ने कहा- बीजेपी काफी शातिर है। उन्हें पहले से ही पता था वह इसे लेकर हार जाएंगे। इन्हें महिला आरक्षण नहीं देना है। इनका प्लान बी पहले से तैयार था। प्रधानमंत्री जो पार्टी मीटिंग में नहीं आते। विपक्ष से बात करना नहीं चाहते। सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के धज्जियां उड़ा रखी है। एंटी वूमेन कौन है यह देश की महिलाओं को समझ आता है। इस राजनीतिक चाल से नुकसान देश की महिलाओं को हुआ है। फॉरेन पॉलिसी का कोई बेस नहीं त्रिपाठी ने कहा- ऑप्टिक्स में भारतीय जनता पार्टी बहुत आगे है। विपक्ष को दुश्मन बनाने का काम किया है। इनकी नीयत विपक्ष को जाल में फंसाने की थी, लेकिन यह खुद ही फंस गए। उन्होंने कहा- फॉरेन पॉलिसी का कोई बेस नहीं है। यह सबसे दुखद की बात है। इंडिया को ग्लोबल साउथ को लीड करना चाहिए था। इंडिया सिर्फ स्पेक्टर बन कर रह गया। पाकिस्तान में नेगोशिएशन चल रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर भी कोई स्टेटमेंट नहीं दिया गया। विश्व स्तर पर हम अलग-थलग पड़ गए हैं, यह हमारी हार है। यह राजनीतिक दुर्दशा की कमी है। हमारे विदेश मंत्री भी कोई खास काम नहीं कर रहे।