दिल्ली में हाईकमान से बैठक के बाद हाईकमान व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस में ऑल इज वेल के दावे कर रहे हैं, लेकिन ग्राउंड लेवल पर सच्चाई यह है कि पंजाब कांग्रेस में ऑल इज नॉट वेल है। शनिवार को पंजाब के बरनाला में ऐसा हुआ कि कांग्रेस में हाईकमान के दावे फेल हो गए और पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। चन्नी का गुट पूरी तरह एकजुट दिख रहा है और उसे प्रताप सिंह बाजवा का भी साथ मिल रहा है। वहीं, वडिंग गुट अब पूरी तरह से अलग चलने लगा है। बरनाला में एक ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दोनों गुट साथ नहीं पहुंचे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा करने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सीधा संदेश जा रहा है कि दिल्ली की बैठक में कुछ भी ठीक नहीं हुआ और पंजाब में दोनों के गुट अब भी बरकरार हैं। बरनाला में कैसे खुली गुटबाजी की पोल... पॉलिटिकल एक्सपर्ट का क्या है कहना? *********** ये खबर भी पढ़ें: पूर्व CM चन्नी की इस्तीफे की तैयारी: कांग्रेस हाईकमान को दोटूक, ऐसे पंजाब चुनाव नहीं जीत सकते; दिल्ली मीटिंग की इनसाइड स्टोरी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी कांग्रेस हाईकमान को बड़ा झटका दे सकते हैं। चन्नी गुट से जुड़े नेताओं के मुताबिक वह जल्द ही 2027 चुनाव की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन का पद छोड़ सकते हैं। दिल्ली में 2 दिन हुई हाईकमान की मीटिंग के बाद यह हालात बनते जा रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)