जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव ने शुक्रवार को जिला कारागृह और वॉटरवर्क्स चौराहा स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों और जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव मागो के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान उन्होंने बंदियों और वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। जिला जेल के साप्ताहिक निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने प्रिजन लीगल एड क्लिनिक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने नालसा की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से उनके मुकदमों, जमानत, अपील, आगामी पेशी और विधिक सहायता संबंधी जानकारी ली। एक बंदी द्वारा स्वास्थ्य समस्या बताने पर उन्होंने चिकित्सक को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। रेखा यादव ने बंदियों को "नालसा स्पृहा योजना-2025 (वंचित एवं प्रभावित व्यक्तियों के सशक्तिकरण और पुनर्वास हेतु)" की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जेल में बंद व्यक्तियों, विचाराधीन बंदियों और उनके परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत, अपील, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ तथा पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कारागृह के मुलाकात कक्ष में संचालित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। एलएडीसी अधिवक्ताओं को निर्देश दिए गए कि किसी भी बंदी या उसके परिजन को कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रभावी मार्गदर्शन और निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद सचिव रेखा यादव ने वॉटरवर्क्स चौराहा स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं तथा भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में 9 पुरुष और 1 महिला वरिष्ठ नागरिक निवासरत मिले। उन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण, पंजीयन और आगंतुक रजिस्टर की जांच की। वृद्धाश्रम प्रबंधन को सभी वरिष्ठ नागरिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रखने तथा उन्हें पेंशन, आधार और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।