देश में आजादी के बाद 8वीं जनगणना की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है, जिसे पहली बार पूरी तरह डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा।जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण और गणना को लेकर पाली जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार, पाली में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने उपखण्ड जनगणना अधिकारियों, उपखण्ड अधिकारियों तथा ग्रामीण एवं शहरी चार्ज अधिकारियों को जनगणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप, कुशलतापूर्वक एवं सक्रिय सहभागिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह ने आमजन से स्व-गणना में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के लिए अधिकृत पोर्टल http://se.census.gov.in 01 मई से 15 मई 2026 तक खुला रहेगा। इस अवधि में परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य अपने मोबाइल, लेपटॉप या डेस्कटॉप के से परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के बाद भी प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन किया जाएगा। ओटीपी किसी से शेयर न करे उन्होंने आमजन को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि पोर्टल पर लॉगिन के लिए प्राप्त ओटीपी किसी के साथ साझा न करें, यहां तक कि प्रगणक के साथ भी नहीं। जनगणना विभाग द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। पोर्टल पर डेटा भरने के बाद प्री-व्यू की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे अंतिम सबमिट से पहले संशोधन किया जा सकता है। मास्टर ट्रेनर ने दिया प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार (जनगणना निदेशालय, जयपुर) ने अधिकारियों को मोबाइल एप HLO एवं जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले 33 प्रमुख प्रश्नों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इन प्रश्नों में मकान की स्थिति, परिवार की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं एवं संसाधनों से संबंधित जानकारी शामिल है। उप जिला जनगणना अधिकारी राजेन्द्र कुमार टांक ने बताया कि जिले को कुल 18 चार्ज एरिया में विभाजित किया गया है, जिनमें 8 ग्रामीण एवं 10 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। सभी क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कार्य CMMS पोर्टल के माध्यम से संपादित किया जाएगा। जिले में प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स द्वारा 30 अप्रैल से 12 मई 2026 तक विभिन्न चरणों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्यूआर कोड स्केन कर जाने प्रगणक की पहचान उन्होंने आमजन से अपील की कि घर पर आने वाले प्रगणक का अधिकृत परिचय पत्र अवश्य देखें, जिसमें क्यूआर कोड अंकित होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर प्रगणक की पहचान की पुष्टि की जा सकती है। पाली में प्रगणकों-सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण शुरू तहसील में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सभागार में दो चरणों में शुरू किया गया। तहसीलदार एवं जनगणना चार्ज अधिकारी कल्पेश कुमार जैन ने बताया कि जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी के निर्देश पर 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-प्रगणना अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान आमजन को अपने मोबाइल के माध्यम से स्वयं मकान गणना करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन सके। 16 मई से फील्ड में शुरू होगा मकान सूचीकरण उन्होंने बताया कि 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक फील्ड में जाकर मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य करेंगे। वहीं सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और पर्यवेक्षण कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। डिजिटल जनगणना से बढ़ेगी पारदर्शिता यह जनगणना आजादी के बाद देश की 8वीं जनगणना है और पहली बार इसे पूर्ण रूप से डिजिटल एवं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। जनगणना देश की विकास योजनाओं का आधार होती है, जिसके आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण करती है। तहसीलदार ने सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से अपील की कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें, ताकि जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।