हनुमानगढ़ जिले के पल्लू क्षेत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा शुक्रवार को अचानक एसबीआई की पल्लू शाखा पहुंच गए, जहां 162 लोगों के नाम पर संदिग्ध तरीके से फसल बीमा किए जाने और करोड़ों रुपए के क्लेम जारी करने की तैयारी का मामला सामने आया। जांच में कई ऐसे नाम सामने आए हैं जिनकी जमीन तक पल्लू क्षेत्र में नहीं है, जबकि कुछ लोग दूसरे जिलों और राज्यों के बताए जा रहे हैं। मंत्री ने मौके पर बैंक अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। अचानक बैंक पहुंचे कृषि मंत्री, दस्तावेज किए तलब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा शुक्रवार को अचानक एसबीआई की पल्लू शाखा पहुंच गए। मंत्री ने शाखा प्रबंधक से लंबी पूछताछ की और बीमा से जुड़े सभी दस्तावेज तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि जिन 162 लोगों को ऋणी किसान दिखाकर बीमा योजना में शामिल किया गया, उनमें से कई लोगों की जमीन पल्लू क्षेत्र में है ही नहीं। इसके बावजूद उनके नाम पर प्रीमियम काटकर बीमा प्रक्रिया पूरी कर दी गई। दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों के नाम भी शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बीमा सूची में शामिल कई लोग पल्लू क्षेत्र के निवासी नहीं हैं। कुछ नाम बीकानेर जिले के बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ लोग दूसरे राज्यों से संबंधित पाए गए हैं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि बैंक के पास कई कथित किसानों की जमाबंदी तक उपलब्ध नहीं मिली। इसके बावजूद उन्हें ऋणी किसान मानकर फसल बीमा कर दिया गया। इससे पूरे मामले में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की आशंका गहरा गई है। किरोड़ी मीणा बोले- किसानों की योजना में हो रहा भ्रष्टाचार कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन कुछ अधिकारी और कर्मचारी इसमें भ्रष्टाचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बैंक मैनेजर ने झाड़ा पल्ला, कर्मचारियों पर लगाया आरोप पूरे मामले में बैंक शाखा प्रबंधक ने खुद को अलग बताते हुए दावा किया कि शाखा में काम करने वाले कुछ लड़कों ने उनकी आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया। मैनेजर के अनुसार बीमा प्रक्रिया बाहर से संचालित की गई और उनकी जानकारी के बिना दस्तावेजों का उपयोग किया गया। बैंक प्रबंधन की ओर से इस संबंध में पुलिस को परिवाद भी दिया गया है। हालांकि बैंक प्रबंधन की भूमिका अब सवालों के घेरे में है। इस पर मंत्री किरोड़ी मीणा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “अगर पासवर्ड का इस तरह गलत इस्तेमाल हो सकता है, तो कोई बैंक खाते भी खाली कर सकता है।” प्रदेश में और भी खुल सकते हैं फर्जी बीमा के मामले कृषि मंत्री ने संकेत दिए कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में अब फसल बीमा योजना के तहत हुए बीमा रिकॉर्ड और क्लेम की व्यापक जांच की संभावना बढ़ गई है।