राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में अवैध फंडिंग, बेनामी संपत्तियों और ब्लैक मनी पर इनकम टैक्स विभाग ने कार्रवाई की है। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की 'इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन' (ICI) विंग ने श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध भूमि सौदों का रिकॉर्ड जब्त किया है। कार्रवाई से पूरे सीमावर्ती इलाके के बिल्डरों, निवेशकों और प्रॉपर्टी डीलरों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जैसलमेर में हुई कार्रवाई में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। इसमें चौंकाने वाली बात है कि 170 लैंड डील के डॉक्युमेंट्स में पैन ही नहीं थे। इन रजिस्ट्रियों में 2 लाख से लेकर 50 लाख तक का कैश लेनदेन होने की आशंका है। वहीं श्रीगंगानगर में 2 साल में 75 करोड़ की रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी सामने आई है। पढ़िए बॉर्डर इलाकों में श्री गंगानगर और जैसलमेर से ये रिपोर्ट… श्रीगंगानगर में 2 साल का रिकॉर्ड जब्त, करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका जयपुर से आई 9 सदस्यीय विशेष टीम ने श्रीगंगानगर के सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रेड डाली। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में टीम ने रजिस्ट्रार ऑफिस से पिछले दो साल (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक) की सभी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। हाल ही में अनूपगढ़ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की जांच में 75 करोड़ रुपए की संदिग्ध रजिस्ट्रियां और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद इस कार्रवाई का दायरा श्रीगंगानगर तक बढ़ाया गया। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में प्रभारी राजेश कुमार चौधरी, निरीक्षक सत्येन्द्र शर्मा, प्रदीप, विनोद गोदारा, गायत्री, संदीप ढालिया, योगेश ढाका, पंकज रहेजा और अब्दुल रहमान शामिल रहे। जैसलमेर में महंगी रजिस्ट्रियों से PAN कार्ड गायब जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गई। मंगलवार और बुधवार को की गई स्क्रूटनी में टीम ने कुल 170 संदिग्ध फाइलों की एक्सेल शीट तैयार की है। जांच में सामने आया कि कई महंगी जमीनों की रजिस्ट्री में खरीदार का पैन (PAN) नंबर ही गायब था। 2 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक की इन रजिस्ट्रियों में बैंक के बजाय पूरा भुगतान नकद (कैश) में किया गया था। यहां करीब 80 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिलने की आशंका है। फाइलों की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी। यहां सहायक निदेशक लक्ष्मी नारायण मीणा, आईटीओ महेश कुल्हारी व अनिल भंभानी, निरीक्षक पारस प्रकाश और अभिनश कुमार की टीम ने कार्रवाई की। अब 3 पॉइंट्स में समझिए एक्शन प्लान डीआईजी स्टाम्प से मांगेंगे जानकारी: शुरुआती कार्रवाई के तहत एक्सेल शीट तैयार की गई है, जिसमें हर रजिस्ट्री का ब्यौरा तैयार किया गया है। फाइलों की मूल कॉपियां हासिल करने के लिए आयकर विभाग डीआईजी स्टाम्प को पत्र लिखेगा। इसकी रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी जा रही है। 2 लाख रुपए से अधिक के नकद लेन-देन पर कार्रवाई: आयकर विभाग ने हर 2 लाख रुपए से अधिक के सौदे को जांच के दायरे में लिया है। जबकि कई रजिस्ट्री 50 से अधिक कीमत की भी हुई हैं। लेकिन उनमें पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का अभाव है। ऐसे में संदिग्ध मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। 70% टैक्स, 10% पेनल्टी और ब्याज: संदिग्ध सौदों की जांच में आयकर कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कर, जुर्माना और ब्याज की वसूली की जाएगी। इसके तहत 70% तक टैक्स, 10% तक पेनल्टी और रजिस्ट्री की तारीख से देय ब्याज वसूला जा सकता है। अंतिम देनदारी प्रत्येक मामले के तथ्यों और लागू आयकर प्रावधानों के आधार पर तय होगी। बॉर्डर के 4 जिलों में विदेशी निवेश की आशंका पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में पिछले कुछ समय में जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा माना गया है। सुरक्षा और वित्तीय एजेंसियों को आशंका है कि इन क्षेत्रों में बाहरी और संदिग्ध स्रोतों से ब्लैक मनी का निवेश किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर चारों जिलों के आयकर अधिकारियों को हर संदिग्ध लेनदेन पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आयकर विभाग की टीमों ने बाड़मेर और बीकानेर में भी कार्रवाई की थी, जिसकी भनक नहीं लगने दी। ऐसे में अब श्रीगंगानगर और जैसलमेर को दायरे में शामिल किया गया है।