जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान का प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 के महत्वपूर्ण सारथी है। ऐसे में हमारी सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। इसके लिए हमने पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को सरल बनाया है। कर्मचारियों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार तीन साल में निर्धारित अनुभव में 2 साल छूट दी गई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का अवसर प्राप्त होगा। सीएम ने कहा- प्रदेश में भी केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री का रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी व सचिवालय कर्मचारी संघ ने पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 साल की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया। पहले देखें सीएम की PHOTOS कमेटी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर करेगी विचार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- हमने 30 जून को रिटायर्ड राज्य कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के साथ पेंशन का प्रावधान किया है। वहीं, पेंशनर के 70 साल की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया गया है। उन्होंने कहा- वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा- सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक साल में कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरा जाना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को भी अनुकंपा नियुक्ति दिया जाना शामिल हैं। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। साथ ही एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करना और कार्यस्थल पर बेहतर और तनावमुक्त वातावरण देने के लिए 'मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन' स्थापित करना भी महत्वपूर्ण कदम है। नए पदों से सचिवालय हुआ और मजबूत सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा- शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी तथा 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे।