जयपुर में गृहराज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा- कांग्रेस के साथी कहते हैं कि सीएम भजनलाल शर्मा दिल्ली क्यों जाते हैं। उन्होंने कहा- अगर आप तुलना करेंगे तो एक बात सामने आती है। सीएम भजनलाल शर्मा विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने और भारत सरकार का सहयोग लेने के लिए जाते हैं। बेढम ने कहा- कांग्रेस सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रिचार्ज डलवाने के लिए दिल्ली जाते थे। जितने दिन का रिचार्ज कूपन डलता था, उतने दिन सरकार चलती थी। इसके बाद फिर दिल्ली भागते थे। इस तरह की स्थिति हम सभी ने उस समय देखी है। उन्होंने कहा- दो दिन पहले सीएम ने तीन घंटे के दिल्ली दौरे में राजस्थान को रिफाइनरी, मेट्रो के फेज-2 और अन्य चीजों की मंजूरी दिलवाई। अभी भी कांग्रेस के साथियों को समझ में नहीं आया( उन्होंने आत्मचिंतन नहीं किया कि राजस्थान के सीएम दिल्ली क्यों जाते हैं? कांग्रेस ने रिफाइनरी का बट्टा बैठाया मंत्री बेढम ने कहा- मैंने तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का रिफाइनरी पर बयान सुना। मुझे समझ में नहीं आता कि वे आंकड़े कहां से निकालकर लाए हैं। अरे आपके शासनकाल में तो आपने रिफाइनरी का बट्टा बैठाने का काम किया था। हम तो पीएम मोदी का आभार जताते हैं कि उन्होंने रिफाइनरी परियोजना की लागत बढ़ाने की मंजूरी दी और 21 अप्रेल को उसके पहले चरण का शुभारंभ प्रस्तावित है। मंत्री बेढम ने कहा- सीएम भजनलाल के प्रयासों से प्रदेश में बड़ी-बड़ी परियोजनाएं लागू हो पाईं। प्रदेश को भारत सरकार से अधिक आर्थिक मदद मिल रही हैं। कांग्रेस के लोग अपने शासनकाल में कुछ नहीं कर पाए, केवल राजस्थान की जनता को इंतजार करवाते रहे। हमारी सरकार युवाओं को रोजगार दे रही है। महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही है। किसान को संबल देने का काम कर रही है। वहीं गरीब के साथ न्याय कर रही है। यह बात कांग्रेस के लोगों को पच नहीं रही है, इसलिए ऊलजुलूल बयानबाजी कर रहे हैं। पूनिया बोले- मेट्रो 10 लाख रुपए प्रतिदिन के घाटे में इस मौके पर पूर्व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा- केंद्र सरकार द्वारा मंजूर मेट्रो फेज-टू को बड़ी उपलब्धि इसलिए कहा जा सकता है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी दावा किया है कि हमने मेट्रो चलाई है। उस मेट्रो की फिजिबिलिटी हम सब जानते हैं। मानसरोवर का व्यक्ति चांदपोल नहीं जाता है और चांदपोल का व्यक्ति मानसरोवर नहीं आता है। इसलिए आज जयपुर मेट्रो 10 लाख रुपए के प्रतिदिन के घाटे में चल रही है। वहीं पूर्ववर्ती सरकार का जो मेट्रो प्रोजेक्ट था, वह राजस्थान सरकार के खर्चे पर था। मेट्रो फेज-2 में राज्य और केंद्र सरकार का 50-50 प्रतिशत का शेयर होगा। वहीं इस रूट से जयपुर शहर के सभी प्रमुख स्थल कवर होंगे। यह राजधानी के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा।