सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा है कि उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से जमीन खराब हो रही है। हमें आधुनिक खेती के साथ ऑर्गेनिक खेती को अपनाने पर जोर देना होगा। वैज्ञानिक तरीके से खेती करें। उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल की जगह जितनी जरूरत है, उतना ही इस्तेमाल करेंगे तो सही रहेगा। जरूरत से ज्यादा डीएपी डालने से जमीन खराब हो रही है। सीएम ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक (ग्राम 2026) मीट के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में बोल रहे थे। सीएम ने कहा- हमारे पूर्वजों ने कितने दुख झेलकर इस जमीन को हमारे लिए छोड़ा है, दुख झेलकर भी इस जमीन को खराब नहीं होने दिया। आज हम देख रहे हैं कि जमीन ज्यादा उर्वरकों की वजह से कठोर हो चुकी है। बारिश का पानी जमीन के अंदर नहीं जा पा रहा है। जितनी बारिश होती है, पानी बहकर चला जाता है। हमें बारिश के पानी को सहेजने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी का सदुपयोग करने पर जोर देना होगा। जितने पानी की जरूरत है, उतना फसल को दें। पानी बचेगा तो अगली फसल के लिए काम आएगा। सिंचाई के लिए फव्वारे का इस्तेमाल करें तो पानी बचेगा। जमीन के लिए पानी खान की तरह है। इस खान से एक बार में ही पूरा माल निकाल लेंगे तो आगे के लिए कुछ नहीं बचेगा। किसान भी सरकार का साथ दें सीएम ने कहा- किसान जब सरकार से उम्मीद करता है कि सरकार हमें फायदा दे। हमारा भी अधिकार बनता है कि किसान भी सरकार का साथ दे। किसान तो हमेशा से हारी हुई जंग लड़ता है। एक बार फसल खराब हो जाए तो दूसरी बार भी उसी उत्साह से वह फिर जुटता है। किसान मजबूत होगा तो प्रदेश मजबूत होगा। 2027 तक हर जिले में किसानों को दिन में बिजली सीएम ने कहा- 2027 तक हर जिले में किसानों को दिन में बिजली देंगे। अभी हम 26 जिलों में किसानों को ​सिंचाई के लिए दिन में बिजली दे रहे हैं। हमारी सरकार राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि का मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) में प्रदेशभर के किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलेगी। उन्हें वैश्विक स्तर आधारित कृषि प्रणालियों को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा। ग्राम के प्रचार के लिए 15 अप्रैल से गांव गांव जाएंगे रथ सीएम ने कहा- ग्राम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 15 अप्रेल से ग्राम पंचायत स्तर पर किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लेकर रथ भेजे जाएंगे। इसमें सुझाव पेटिका भी रखी जाएगी, जिससे किसान योजनाओं से जुड़े अपने सुझाव भी दे सकें। ग्राम-2026 एक ऐसा मंच होगा जहां किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और नीति निर्माता मिलकर किसानों के सशक्तीकरण के लिए संवाद करेंगे।