आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने राज्य के महाविद्यालयों में ग्रीष्मावकाश की घोषणा कर दी है। जारी आदेशों के अनुसार कॉलेजों में 1 मई से 30 जून तक अवकाश रहेगा। इस संबंध में संयुक्त निदेशक अकादमिक प्रो. विजय सिंह जाट ने निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से सत्र 2025-26 के लिए पहले ही अकादमिक कैलेंडर जारी किया गया था, जिसमें कॉलेजों के लिए ग्रीष्मावकाश की अवधि निर्धारित की गई थी। उसी के तहत अब औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर स्टाफ को बुला सकेंगे प्राचार्य जारी आदेशों के अनुसार, महाविद्यालयों के प्राचार्य आवश्यकता के अनुसार संकाय सदस्यों को ग्रीष्मावकाश के दौरान कॉलेज में रोक सकते हैं। यह व्यवस्था अध्यापन कार्य, ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संबंधी कार्य, भौतिक सत्यापन और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए लागू होगी। रुके हुए कर्मचारियों को मिलेगा अर्जित अवकाश लाभ जिन संकाय सदस्यों को अवकाश अवधि में कार्य के लिए रोका जाएगा, उन्हें नियम 92 (ब) के तहत उपस्थिति के आधार पर आनुपातिक रूप से उपार्जित अवकाश का लाभ दिया जाएगा। यह अवकाश प्राचार्य स्तर से स्वीकृत किया जाएगा। प्राचार्य और कार्यवाहक प्राचार्य के लिए अलग व्यवस्था विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राचार्य और कार्यवाहक प्राचार्य के मामलों में अर्जित अवकाश की स्वीकृति एचआरडी शाखा स्तर से जारी की जाएगी। ग्रीष्मावकाश की घोषणा के बाद छात्रों और कॉलेज स्टाफ को गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी। वहीं आवश्यक प्रशासनिक और प्रवेश संबंधी कार्य अवकाश अवधि में भी जारी रहेंगे।