राजस्थान की पहली आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली बीएस-6 मानक एचपीसीएल (HPCL) राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड बाड़मेर के पचपदरा में बनी है। इसका उद्घाटन 21 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (MPT), नागाणा (95KM) और मुंद्रा पोर्ट, गुजरात (700KM) से पाइपलाइन के जरिए आए कच्चे तेल की टेस्टिंग सफल हो चुकी है। 2 महीने बाद सप्लाई शुरू होने की तैयारी है। दरअसल, केयर्न वेंदाता बाड़मेर में MPT से रोजाना करीब 75 हजार बैरल कच्चे तेल का प्रोडक्शन कर रही है। अभी यह तेल पाइपलाइन के जरिए गुजरात के सलाया स्थित प्रोसेसिंग यूनिट तक जाता है। वहां से इसे ऑयल रिलायंस और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) को सप्लाई किया जाता है। एमपीटी नागाणा से निकलने वाले कच्चे तेल की पचपदरा रिफाइनरी में सफल टेस्टिंग हो चुकी है। अब केयर्न वेदांता और HPCL रिफाइनरी के बीच सरकार स्तर पर एमओयू होगा। इसके बाद कच्चे तेल की सप्लाई शुरू की जाएगी। इससे राजस्थान सरकार का राजस्व बढ़ेगा, क्योंकि अभी टैक्स गुजरात को मिलता है। जनवरी में पहुंची पहली खेप साल 2026 की शुरुआत में टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम तेज हुआ। 10 जनवरी को एएमपीएल (अरब मिक्स पाइप लाइन) से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की पहली खेप पचपदरा रिफाइनरी पहुंची थी। करीब 700 किलोमीटर का सफर 21 दिनों में पूरा किया गया था। पहले पानी भेजकर पाइपलाइन की जांच कमीशनिंग के दौरान HPCL पाइपलाइन की सफाई और जांच के लिए पहले 21 हजार लीटर पानी भेजा गया, जिसने एक बफर के रूप में काम किया। इसके बाद कच्चा तेल भेजा गया। यह पाइपलाइन आधुनिक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स का अच्छा उदाहरण है। इसी पाइपलाइन से मुंद्रा पोर्ट से भी कच्चा तेल रिफाइन करने के लिए मंगवाया जा सकेगा। रिफाइनरी की खासियत यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स दोनों एक साथ हैं। यहां बीएस-6 मानक का ईंधन बनाया जाएगा और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक का उपयोग होगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। इस रिफाइनरी में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन के साथ पॉलीप्रोपलीन, पॉलीएथिलीन, बेंजीन और ब्यूटाडीन जैसे प्रोडेक्ट भी बनेंगे। नए औद्योगिक क्षेत्र और रेल लाइन की तैयारी रिफाइनरी शुरू होने के साथ बोरावास और कलावा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। हाल ही में इसका सर्वे शुरू किया गया है। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की ओर से बिछाई जाएगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं आईजीएनपी चेयरमैन अभय कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा, वित्त वैभव गालरिया, राजस्व सचिव जोगाराम सहित संभागीय आयुक्त, रेलवे अधिकारी, जिला कलेक्टर और संयुक्त निदेशक पेट्रोलियम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।