राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड की पंचायत बाजना में चारागाह एवं वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने करीब 1500 बीघा जमीन पर हुए अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इस खंडपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता शामिल थे। यह आदेश बाजना निवासी धर्मेंद्र द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट राहुल सिंह चौधरी और अजय पूनिया ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पंचायत क्षेत्र की चारागाह व वन भूमि पर निजी व्यक्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि चारागाह और वन भूमि से सभी अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं। साथ ही, भूमि को मवेशियों के चराई उपयोग के लिए बहाल किया जाए। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो राजाखेड़ा के एसडीएम को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होना होगा। यह फैसला क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे स्थानीय ग्रामीणों व पशुपालकों को राहत मिलने की संभावना है।