सराड़ा ब्लॉक के 32 वर्षीय जन्मजात दिव्यांग पिंटू मीणा पिछले 12 से 14 वर्षों से दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद परिवार को बीपीएल कार्ड भी नहीं मिला, जिससे कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। पिंटू मीणा जन्म से दिव्यांग हैं और कोई काम करने में असमर्थ हैं। उनके परिवार में पत्नी कांता मीणा, 8 वर्षीय पुत्र नीतेश और 6 वर्षीय पुत्र कमलेश हैं। परिवार जर्जर मकान में रहता है और घर का पूरा खर्च पत्नी की दिहाड़ी मजदूरी से चलता है। जिस दिन मजदूरी नहीं मिलती, उस दिन परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। बार-बार आवेदन के बाद भी नहीं मिली पेंशन पिंटू मीणा का कहना है कि उन्होंने पिछले 12 से 14 वर्षों में कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों के पास दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन किए, लेकिन आज तक उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। वहीं आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद परिवार को बीपीएल राशन कार्ड भी जारी नहीं किया गया। समाजसेवी प्रताप सिंह मीणा ने कहा कि पिंटू मीणा का परिवार सभी निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करता है। इसके बावजूद उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन से परिवार का सर्वे कर सभी पात्र योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। कलेक्टर से लगाई गुहार पिंटू मीणा ने सलूम्बर जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बीपीएल श्रेणी में शामिल कर दिव्यांग पेंशन, आवास, खाद्य सुरक्षा, शौचालय और कुटीर ज्योति बिजली योजना सहित सभी पात्र योजनाओं का लाभ जल्द दिलाने की अपील की है। एसडीएम बोलीं- जांच के बाद होगी कार्रवाई सराड़ा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) बिंदु बाला ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच में पिंटू मीणा सरकारी योजनाओं के लिए पात्र पाए जाते हैं तो नियमानुसार उन्हें दिव्यांग पेंशन, खाद्य सुरक्षा, आवास और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक टीम गठित की गई है, जो पंचायत स्तर पर सर्वे कर पात्र परिवारों की पहचान करेगी।